सिद्धार्थनगर। भगवान बुद्ध की स्थली कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े 331 रत्न और अस्थि कलश के लिए संबंधित विभाग पत्राचार शुरू हो गया है। टीम यशोभूमि के प्रबंधक संतोष श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री समेत विभाग को पत्र भेजकर इन धरोहरों को हांगकांग से भारत लौटने के बाद अब उसे पिपरहवा कपिलवस्तु लाए जाने की मांग की है। इसके बाद उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशक डॉ. सृष्टि धवन ने विशेष सचिव संस्कृति विभाग को पत्र लिखकर निर्णय लेने का आग्रह किया है। जानकारों के अनुसार, ये रत्न और अस्थि कलश बौद्ध धरोहर के रूप में विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन धरोहरों को हांगकांग से भारत लौटने के बाद अब कपिलवस्तु पिपरहवा लाने की पहल को स्थानीय स्तर पर भी बड़ी उम्मीदों से देखा जा रहा है। टीम यशोभूमि के प्रबंधक संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि यदि यह अमूल्य धरोहर पिपरहवा लौट आती है तो न केवल जनपद की ऐतिहासिक पहचान और सुदृढ़ होगी बल्कि बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए यह स्थल और भी बड़ा आस्था केंद्र बन जाएगा।