बिस्कोहर। मुहर्रम का चेहल्लुम नगर पंचायत बिस्कोहर के पश्चिम गणिकाओं के मोहल्ले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। मेले में उमड़ी भीड़ दुकानों पर खरीदारी करती रही। नगर के पश्चिम टोले में रखे गए ताजियों का जुलूस शुक्रवार दोपहर तीन बजे निकला जो परंपरागत रास्तों से भ्रमण करते हुए रात सात बजे के करीब नगर के पश्चिम और दलपतपुर स्थित कर्बला पहुंचा। कर्बला मैदान में बने चौक पर ताजिया रख कर फातिहा ख्वानी के बाद उसे दफन कर दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष त्रिलोकपुर विपिन प्रकाश सिंह, चौकी प्रभारी बिस्कोहर वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव अपने पुलिस के जवानों के साथ मौजूद रहे। टोले की अनीता व रमजानी ने बताया कि इस्लामिक वर्ष के पहले माह मुहर्रम की 10 तारीख को कर्बला की जंग में नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन और उनके साथियों को शहीद कर दिया गया था। जुल्म और जब्र के आगे सर कटाना गवारा किया, लेकिन सर झुकाना नहीं। उनकी शहादत की याद में मुहर्रम की 40वीं पर चेहल्लुम मनाया जाता है। इस मौके पर पप्पी, पप्पू, मंजू, अनवर अंसारी, राजा अंसारी, इश्तियाक, आरिफ, शालू आदि मौजूद रहे।