सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र नाथ ने बताया कि राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 30 दिसंबर 2026 तक मध्यस्थता अभियान 3.0 संचालित किया जा रहा है। इसके तहत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाना है। इसमें वैवाहिक विवाद के मामले, दुर्घटना दावे के मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले, संपत्ति बंटवारे, बेदखली व भूमि अधिग्रहण के मामले निस्तारित करा सकते है। साथ ही दीवानी मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस के मामले एवं आपराधिक मामले आदि का भी निस्तारण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक अगस्त 2026 से इस अभियान का पूरे देश में संचालन हो रहा है। इसका लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए सुलह योग्य वादों को मध्यस्थता केंद्र भेजना सुनिश्चित करें।