सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में एनएसएस शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें एनएसएस के 500 स्वयं सेवकों और सेविकाओं की टीम गठित करके सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में स्वच्छता, खेल व दहेज प्रथा के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।
विश्वविद्यालय के स्वयं सेवकों और सेविकाओं की 50-50 की टीम गठित करके सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए भेजा जाएगा। वह लोगों को कम उम्र में शादी नहीं करने, दहेज प्रथा को रोकने, स्वच्छता और खेल के प्रति जागरूक करेंगे। बनाए गए 50 युवाओं की टीम में 10-10 स्वयं सेवकों व सेविकाओं की टोली बनाई जाएगी। पहले 10 की टोली में स्वयं सेवक व सेविका लोगों को दहेज प्रथा व कम उम्र में शादी करने को रोकने के लिए जागरूक करेंगे।
दूसरी टोली में लोग गांव व मोहल्लों की साफ-सफाई करते हुए लोगाें को स्वच्छ रहने व आस-पास स्वच्छता रखने के लिए जागरूक करेंगे। तीसरी टोली में युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करेंगे। जबकि चौथी टोली विद्यालय पर रहकर क्षेत्र में गई हुई टोलियों के लिए भोजन का प्रबंध करेंगी। जबकि अन्य 10 स्वयं सेवकों व सेविकाओं की टोली क्षेत्र में गए टोलियों को किसी भी प्रकार की समस्या को लेकर अन्य टोलियों का सहयोग करेगी। एनएसएस के टीम का पांच व तीन दिवसीय शिविर का आयोजन होता है। जिसमें स्वयं सेवक व सेविकाओं को कैंप में रहकर लोगों को जागरूक करना रहता है।
एनएसएस के स्वयं सेवक व सेविकाओं का सभी डिग्री कॉलेज से 100-100 आवेदन मांगा गया था। अब सभी युवा गांव में जाकर लोगों को स्वच्छता व कुप्रथा के लिए जागरूक करेंगे।
-प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव, कुलपति