भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के सेखुई गोर्वधन गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार की शाम कथा वाचक पं. भगवान दास मिश्र ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का रसापान कराया। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अपने भक्तों की रक्षा कर धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। कहा कि जब धरती पर कंश का पाप व अत्याचार काफी बढ़ गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद कारागार में वसुदेव व देवकी का बंधन खुल गया और भगवान विष्णु चतुर्भुज रूप में खुद को गोकुल में यशोदा और नंद के घर पहुंचाने को कहा। वसुदेव ने नंद के घर श्रीकृष्ण को पहुंचाया, जहां उनका पालन पोषण हुआ। इस दौरान राम पियारे यादव, पूर्णवासी यादव, श्रवण, रामकुमार, रामपाल पांडेय, बलराम पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद