सिद्धार्थनगर। रिश्तों के बीच शक, दरार और आक्रोश के आगे लोगों की मानवता दम तोड़ रही है। वह अपनों का खून बहाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। जिन्हें वह अपना मानते हैं, जिनके साथ हमेशा रहते हैं। अपनों की प्रति इतनी क्रूरता है कि जरा सी बात पर उनकी हत्या कर दे रहे हैं। ऐसे में गैरों के प्रति उनकी रवैया कैसा होगा, यह आसानी से समझ सकते हैं।
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के भपसी गांव में जो बहन कलाई में राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना करती थी। जो भाई रक्षा करने का संकल्प लेता था, उसी ने चंद रुपयों के लिए हाथ पैर बांधकर बहन को नदी में फेंक दिया और उसकी डूबकर मौत हो गई। समाजशास्त्री इसका कारण मानवता का संरक्षण और बढ़ते कटुता का भाव बता रहे हैं। अपनों के प्रति बदलती मानसिकता और क्रूरता समाज के लिए चिंताजनक है।
-
बेटी बन रही थी जिदंगी में बाधा, रास्ते से हटा दिया
खेसरहा थाना क्षेत्र के एक गांव में दो वर्ष पहले 11 माह की बच्ची को उसकी ही मां ने इसलिए जहर देकर मौत की नींद सुला दिया कि वह उसके रास्ते में बाधा थी। वह किसी दूसरे के साथ जाना चाह रही थी। बेटी की वहज से वह भाग नहीं पा रही थी। इसलिए उसे मार डाला। हालांकि जांच में पकड़ी गई और पुलिस ने जेल भेजा।
-
पांच वर्षीय बेटे को कुल्हाड़ी से काट डाला
चिल्हिया थाना क्षेत्र के जमुनी गांव में तीन वर्ष पहले एक व्यक्ति ने अपने पांच वर्षीय इकलौते पुत्र की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। रिश्तों में दरार के चलते यह घटना होने की बात सामने आई थी। इसमें पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को पति जेल भेज दिया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र में बहुत अधिक चर्चा हुई थी। लोग इसकी निंदा भी उस समय किए थे।
-
मां ने दो बेटों की गला दबाकर कर दी थी हत्या
पांच वर्ष पहले ढेबरुआ थाना क्षेत्र के परसा देवइचपार गांव में इसलिए एक महिला ने अपने दो बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी कि पति उसे ताने दे रहा था। हत्या के बाद पोखरे में ठिकाने लगाकर चली गई थी। पुलिस जांच में उसने अपना जुर्म कबूला किया था।
-
दादी ने पटकर मार दिया था
एक वर्ष पहले शोहरतगढ़ नहरी गांव में एक महिला ने बेटे के साथ डेढ़ वर्ष के पोते को जमीन पर पटकर मार दिया था। इस घटना में दादी और मृतक के पिता पर बच्चे की मां ने हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने केस दर्ज करके दोनों को जेल भेज दिया है। लोगों का कहना था कि महिला को घर से निकालना चाहते थे। इसलिए बच्चे को जमीन पर पटक कर मार दिया था। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
-
मानवता का पतन का पतन है कारण
परिवार के बीच दूरी और तनाव के कारण लोग क्रूरता कर दे रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं बढ़ रही हैं जो चिंता का विषय है। बरहाल अगर परिवार के बीच में टकराव दिखे तो बड़ों को आगे आना चाहिए और मामले में दखल देते हुए समझाना चाहिए। तभी इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। अगर कोई व्यक्ति आक्रोशित हो रहा है। उलझने के बजाए बड़ों को आगे करके समझाया जाए। इसके साथ ही प्रयास यह करें कि उन्हें संस्कार दें। बताएं कि यह अपने हैं। भागदौड़ भरी जिदंगी में गैर की तरह से लोग अलग-अलग रह रहे हैं, जिसका यह नतीजा है।
-डॉ. रघुवर प्रसाद पांडेय, समाजशास्त्री महिला पीजी कॉलेज बस्ती
-
तत्काल हासिल करने की इच्छा बन रही वजह
मौजूदा समय में जीवनशैली में बड़ा बदलाव हुआ है। हर व्यक्ति बड़ी इच्छा के लिए खुद से जूझ रहा है। ऐसे में कहीं-कहीं वह गुस्सा अधिक होने लगता है। जैसे बच्चे किसी चीज को हासिल करने की जिद करते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अचेतन अवस्था में चला जाता है। इसी स्थिति में केवल लक्ष्य सामने दिखता है। जैसे किसी को मार देना। किसी को बड़ी क्षति पहुंचा देना या फिर आत्महत्या कर लेना। इसी प्रकार के कदम उठा लेता है। अगर किसी व्यक्ति में एकाएक बदलाव नजर आने लगे। वह गुस्सा होने लगे या किसी से बहुत चिढ़ने लगे। तो इसे नजरअंदान न करें।
-हरेंद्र शर्मा, प्रोफेसर मनोविज्ञान विज्ञाग, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सिद्धार्थनगर
-
बोले अधिकारी
जो अपराध होते हैं चाहे परिवार का कोई सदस्य करे या फिर गैर। सभी मामलों में पुलिस आरोपियों पर केस दर्ज करती है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्हें सजा दिलाने के लिए पूरी कोशिश करती है।
-सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक