सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की लाख सख्ती के बाद भी डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हर प्रमुख चौराहे पर झोलाछाप को इलाज करते हुए देखा जा सकता है। कई बार इनके इलाज में फंसकर मरीजों की हालत बिगड़ जाती है और उन्हें अनहोनी का शिकार होना पड़ता है। ऐसे दर्जनों मामले आ चुके हैं जिसमें झोलाछापों के इलाज से मरीजों को अपनी ज़िंदगी से हाथ धोना पड़ा है। इसके बावजूद भी स्वास्थ विभाग, इन पर अंकुश लगाने में नाकाम है। कुछ दिन पूर्व डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोर, क्लिनिक व अल्ट्रासाउंड केंद्रो पर एसडीएम व स्वास्थ्य अधिकारियों ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। समय-समय पर होने वाली निरोधात्मक कार्रवाई के बाद भी झोलाछाप पर कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा और वह बेखौफ होकर अपने काम में लिप्त हैं। कई जगह तो हालत ऐसी है कि बिना डिग्री वाले लोग गर्भवती महिलाओं का इलाज करते हैं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का इलाज करने से भी परहेज नहीं करते। इस संबंध में सीएचसी बेंवा के अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि अवैध क्लीनिकों, मेडिकल स्टोर व झोलाछाप के खिलाफ अभियान चल रहा है। शिकायत मिलने पर ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है।