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आधार कार्ड के सत्यापन में लापरवाही, 256 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका

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आधार कार्ड के सत्यापन में लापरवाही, 256 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका
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- 13 ब्लॉकों के कई स्कूलों पर आधे से अधिक छात्रों का नहीं हुआ आधार का सत्यापन
- शिक्षकों की लापरवाही से छात्रों के खाते में नहीं जा सकी है ड्रेस की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परीषदीय स्कूलों के बच्चों के आधार कार्ड के सत्यापन में लापरवाही बरती गई है। इस कारण बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस, बैग आदि की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। इससे नाराज बीएसए ने 13 ब्लॉकों के 256 परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है।
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जल्द ही बच्चों के आधार का सत्यापन नहीं हुआ तो इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक संगठन का कहना है कि एक हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन रोका गया है।
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परीषदीय विद्यालय के बच्चों के ड्रेस, बैग, जूता व मोजा आदि खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। बैंक खाते से संबद्ध स्कूली बच्चों के आधार का सत्यापन प्रक्रिया चल रहा है। इसमें स्कूलों के अध्यापकों की तरफ से बच्चों के आधार सत्यापन में लापरवाही की जा रही है।
जिससे इन स्कूलों के बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग आदि खरीदने की धनराशि उनके खाते में नहीं भेजी जा सकी है। इनमें कई विद्यालय ऐसे है जहां के आधे से अधिक छात्रों के आधार कार्ड सत्यापित नहीं हो पाए हैं।
नौगढ़ ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल बसडिलिया में 274 छात्रों में 165 छात्रों का आधार कार्ड का सत्यापन नहीं हो पाया है। इसी तरह कंपोजिट स्कूल करौती के 280 छात्रों में 216 छात्रों का आधार कार्ड का सत्यापन नहीं हुआ है।
इसी तरह से इटवा, भनवापुर, खुनियांव आदि ब्लॉकों के कई स्कूलों के अधिकांश बच्चों के आधार कार्ड का सत्यापन नहीं हो सका है। इससे नाराज बीएसए ने इन स्कूलों के सभी शैक्षिक कर्मियों के वेतन रोक दिए हैं।
खुनियांव के सबसे अधिक लापरवाही
आधार कार्ड के सत्यापन में सबसे अधिक खुनियांव के 55 परिषदीय स्कूलों में लापरवाही बरती गई है। इसके बाद इटवा के 45, बर्डपुर के 23, भनवापुर व नौगढ़ के 21-21, बढ़नी के 20, खेसरहा के 19, डुमरियागंज 13, उसका व जोगिया के 10-10, बांसी के नौ और लोटन व मिठवल के पांच-पांच स्कूलों में आधार कार्ड के सत्यापन में लापरवाही बरती गई है। इन सभी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों के वेतन रोक दिए गए हैं।
शिक्षक का वेतन रोकना अन्यायपूर्ण
सिद्धार्थनगर। कम बच्चों के आधार कार्ड के सत्यापन के आरोप में 256 विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोकना अन्यायपूर्ण है। यदि किसी शिक्षक का वेतन रुका तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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यह बातें उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी व मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कही। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने डीबीटी पोर्टल पर बच्चों के रजिस्ट्रेशन व अभिभावकों के आधार कार्ड का सत्यापन का कार्य मनोयोग से पूरा किया है। कहा कि बहुत से अभिभावक अपने बच्चों के आधार बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं तो बहुत से छोटे बच्चों के अंगुली की रेखाएं स्कैन नहीं हो पा रही हैं। इस कारण आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में आधार कार्ड के सत्यापन न हो पाने पर शिक्षक दोषी नहीं हैं। विभाग को न्याय पंचायत स्तर पर आधार कार्ड बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
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