भइया दूज के दिन हमेशा के लिए बहनों से दूर हो गया भाई
सिद्धार्थनगर। भइयादूज पर्व के दिन रूपाली और नेहा से भाई राहुल दूर हो जाएगा, यह उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। भाई की मौत के बाद से दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर पर पहुंचने वाला हर शख्स राहुल के परिजनों को देखकर गमजदा हो जा रहा है। पूरा गांव उसके लिए रो रहा है।
राहुल अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। राहुल के बाद बहन नेहा (14) और रुपाली (13) वर्ष हैं। इसके अलावा आठ वर्ष का छोटा भाई रोहित है। पिता सुरेश दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। बेटे की मौत की खबर ने उन्हें झकझोर दिया। सूचना मिलने के बाद वह दिल्ली से घर के लिए निकल गए हैं।
वहीं, भाई की मौत से दोनों बहनें टूट चुकी हैं। एक तरफ बहनें भाई की लंबी आयु के लिए भाईदूज का व्रत रखकर उनकी लंबी आयु के लिए कमना करती हैं। उसी समय राहुल का साथ दो बहनों से हमेशा के लिए छूट गया। इसी दिन भाई की हत्या कर दी गई, यह उन्हें कभी नहीं भूलेगा। रोते हुए बहनें भी यह कर रही थीं कि भाई के कातिलों को सजा मिलनी चाहिए। वहीं, घर के बड़े लड़के की मौत से हर कोई गम में है। लोगों के मुताबिक, राहुल 11वीं का छात्र था और वह जयकिसान इंटर कॉलेज सनई में पढ़ता था। ग्रामीणों के मुताबिक, वह झगड़ालू नहीं था। हर किसी से हंसकर बात करता था। उसकी मौत ने गांव के हर शख्स को रुला दिया है।
योजना के तहत की गई हत्या
मूर्ति के विसर्जन के बीच हो रहे ड्रांस में न कोई झगड़ा हुआ और न ही किसी प्रकार का विवाद। यह मौके पर मौजूदा लोगों का कहना है। ऐसे में बिना विवाद के चाकू से हमला करके हत्या कर देना किसी के गले से उतर नहीं रहा है। लोगों का कहना है कि हत्या सोंची समझी साजिश के तहत की गई है। नहीं तो बिना विवाद के कोई क्यों जान से मार देगा। इसके साथ ही मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहा है तो चाकू लेकर साथ क्यों जाएगा। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि यह योजना के तहत किया गया है। इसमें कहीं न कहीं कोई रंजिश है, जिसकी वजह से हत्या की नौबत आई।