सिद्धार्थनगर। सर्दियों में ठिठुरन बढ़ने के साथ माइग्रेन का दर्द उभरने लगा है। चिकित्सक ने माइग्रेन के मरीजों से फास्ट फूड का सेवन और गर्म पानी से स्नान करने पर तकलीफ और बढ़ने की आशंका जताई है। माइग्रेन के मरीजों में 80 फीसदी संख्या महिलाओं की होती है।
मनोचिकित्सक डॉ. अफजल के मुताबिक, सर्दियों में ठंडी हवा की वजह से सिर में रक्त संचार प्रभावित होता है। धूप न मिलने से दिमाग में सरेटोनिन केमिकल असंतुलित होता है। यह माइग्रेन के दर्द को बढ़ाता है। साथ ही, धूप के अभाव में नसों में खिंचाव की स्थिति रहती है। उन्होंने बताया कि सामान्य और माइग्रेन के सिर दर्द में अंतर होता है। सामान्य सिर दर्द थोड़ी देर बाद कम होने लगता है, लेकिन माइग्रेन का दर्द होने पर मतली आने लगती है, उल्टी हो सकती है। प्रकाश, ध्वनि और गंध के प्रति संवेदनशीलता आती है। माइग्रेन की चपेट में आने वालों में करीब 80 फीसदी महिलाएं होती हैं।
इलाज के अभाव में कम होती है आंखों की रोशनी
डॉ. अफजल के मुताबिक, कई दिन माइग्रेन रहने से डिप्रेशन, थकावट, चिड़चिड़ापन, गर्दन में अकड़न, भूख ज्यादा लगती है। इसे नजरंदाज किया जाए तो ओरा स्टेज शुरू होती है। इसमें आंखों की रोशनी कम होने लगती है। समय से इलाज न होने पर हालत गंभीर हो सकती है।