भनवापुर। जुताई से पहले भूमि जनित रोगों का उपाय कर फसलों में लागत कम और उत्पादन अधिक प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने दी। उन्होंने बताया कि फसल को भूमि जनित रोगों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा 2% डब्ल्यूपी की 2.5 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर 70 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर एक सप्ताह के लिए किसी छायादार स्थान पर रख दें, साथ ही खाद की सतह पर पानी का छिड़काव करते रहें।एक सप्ताह बाद इस इस खाद को खेत की अंतिम जुताई के समय मिट्टी में प्रयोग करते हैं। ऐसा करने से फसल में रोगों का प्रकोप कम हो जाता है और रसायनों का छिड़काव नहीं करना पड़ता है। इससे उर्वरा शक्ति बढ़ जाती है। संवाद