: डीएम, एडीएम और एआईजी स्टांप के यहां लंबित हैं स्टांप चोरी के चार सौ मामले
: जिले की पांचों तहसीलों में बड़े बैनामों में पांच करोड़ से अधिक स्टांप चोरी के केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भूमि रजिस्ट्री कराने के दौरान रुपये बचाने के लिए स्टांप चोरी करना खरीदारों को भारी पड़ने वाला है। जिले की पांचों तहसीलों में हुए चार सौ से अधिक बड़े बैनामों में पांच करोड़ रुपये से अधिक स्टांप चोरी करने के मामले दर्ज हैं। जिनकी जांच एवं कार्रवाई संबंधी मुकदमे डीएम, एडीएम और एआईजी स्टांप के यहां लंबित हैं। इन मामलों के निस्तारण के दौरान स्टांप चोरी की धनराशि के साथ ही ब्याज और जुर्माना की राशि भी जमा कराई जाएगी। इसके बाद भी धनराशि नहीं जमा करने पर स्टांप चोरी की धनराशि पर प्रति माह डेढ़ प्रतिशत ब्याज जमा करना पड़ेगा।
जिले की सभी पांचों तहसीलों नौगढ़, बांसी, इटवा, शोहरतगढ़ व डुमरियागंज में स्थित उप निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन होने वाले भूमि रजिस्ट्री के मामलों का स्थलीय निरीक्षण किया जाता है। इनमें छोटे भूमि रजिस्ट्री के मामले रजिस्ट्रार एवं निबंधन कार्यालय कर्मी द्वारा जांच किए जाते हैं, जबकि बड़े भूमि के बैनामे डीएम, एडीएम और एआईजी स्टांप के पास भेजे जाते हैं। जिनका स्थलीय सत्यापन एवं जांच वह स्वयं करते हैं। इन भूमि रजिस्ट्री के मामलों में स्टांप चोरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी स्वयं केस दर्ज कर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई करते हैं। इनमें भूमि खरीदार स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से अपने पक्ष में अभिलेख एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करता है। इनमें अधिकांश मामलों में स्टांप चोरी किए जाने की पुष्टि होने पर खरीदार पर जुर्माना लगाने समेत अन्य कार्रवाई की जाती है।
वर्तमान में डीएम के पास 153, एडीएम के पास 122 और एआईजी स्टांप के पास 132 स्टांप चोरी के मामले लंबित हैं। इन भूमि रजिस्ट्री के मामलों में मौके पर स्थलीय निरीक्षण एवं सत्यापन में स्टांप चोरी पाई गई है। ग्राम संदलजोत निवासी किसरावती ने भूमि रजिस्ट्री के दौरान 248110 रुपये की स्टांप चोरी की थी, जो उन पर भारी पड़ गया। इसका निस्तारण करते हुए एडीएम उमाशंकर ने स्टांप चोरी की धनराशि के साथ ही 49570 रुपये ब्याज और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए जमा करने का आदेश दिया।
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ऐसे करते हैं स्टांप चोरी
कोई भूमि जो चकरोड, पक्की अथवा कच्ची सड़क पर होती है और आबादी के निकट होती है। उस पर सर्किल रेट के अलावा अतिरिक्त स्टांप लगता है। इसके अलावा संबंधित भूमि में मकान, अर्धनिर्मित भवन अथवा बाग व पेड़ मौजूद हों तो भी अधिक स्टांप शुल्क लगता है। भूमि रजिस्ट्री के दौरान इन तथ्यों को छिपाकर कम स्टांप शुल्क देते हुए बैनामा कराया जाता है, तो उसे स्टांप चोरी माना जाता है। इन्हीं मामलों में स्टांप चोरी का केस दर्ज करने के साथ ही संबंधित पक्ष को नोटिस देकर मुकदमा चलाया जाता है।
जुर्माना नहीं, जमा करने पर शून्य हो जाती रजिस्ट्री
स्टांप चोरी कर भूमि रजिस्ट्री कराने के मामले में चल रहे केस के निस्तारण में स्टांप चोरी व ब्याज की धनराशि के साथ ही लगाए गए जुर्माने की धनराशि भी जमा करनी होती है। इसमें लापरवाही करना संबंधित पक्ष खरीदार को भारी पड़ सकता है। यह धनराशि नहीं जमा करने पर भूमि रजिस्ट्री शून्य मानी जा सकती है, साथ ही बैनामे का स्टांप बंधक घोषित किया जा सकता है। इन मामलों में लगाए गए जुर्माने की धनराशि की वसूली के लिए तहसील के माध्यम से नोटिस देकर भी कार्रवाई की जाती है।
सात मामलों में 9.74 लाख रुपये होगी वसूली
एडीएम उमाशंकर ने स्टांप चोरी के सात मामलों का निस्तारण कर भूमि रजिस्ट्री के मामलों में खरीदार से 9,74, 400 रुपये वसूली का निर्देश दिया है। उन्होंने स्टांप चोरी के मामले में बिजवार बढ़ई निवासी दुखरन, बर्डपुर के अलीगढ़वा निवासी रीता देवी, बैरिहवा निवासी शायरा खातून, बेनीनगर निवासी सुमिरता, बेलगड़ा निवासी जमीरून्निशा, संदलजोत निवासी किसरावती और शोहरतगढ़ के अड़वाडीह निवासी रामरती पर जुर्माना भी लगाया है। इन मामलों में 8,23,710 रुपये स्टांप चोरी व 1,5 0,690 रुपये ब्याज की धनराशि वसूलने के साथ ही 79,655 रुपये जुर्माना की धनराशि भी भूमि रजिस्ट्री कराने वाले खरीदारों को जमा करना होगा।
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स्टांप चोरी कर भूमि रजिस्ट्री कराना बैनामेदारों के लिए भारी पड़ सकता है। इसलिए किसी भी स्थिति में भूमि की स्थिति को छिपाते हुए रजिस्ट्री के दौरान स्टांप चोरी नहीं करना चाहिए।
-अनिरूद्ध यादव, अधिवक्ता
जुर्माना समेत अन्य कार्रवाई से बचने के लिए स्टांप चोरी नहीं करना चाहिए। इन मामलों में अवशेष स्टांप व ब्याज के साथ जुर्माना की राशि भी जमा करनी पड़ती है।
-कृपाशंकर त्रिपाठी, अधिवक्ता
वर्जन
रजिस्ट्री में हुए स्टांप चोरी के मामलों की जांच की जा रही है। कुल 400 रजिस्ट्री की जांच की जा रही है। तथ्य छुपाकर रजिस्ट्री कराने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
-उमाशंकर, एडीएम