संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने चोरी के समान की बरामदगी एवं फर्जीवाड़ा व कूटरचना के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र के ग्राम रमवापुर जगतराम निवासी हनुमान कुमार का जमानत प्रार्थना पत्र ख़ारिज कर दिया है।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महादेव गजपुर निवासी प्रभु गुप्ता ने पुलिस को लिखित तहरीर दी कि नौ जून 2023 को वह सोहना मार्केट में सामान खरीदने गया था। सोहना बाजार के बाहर वह बाइक खड़ी करके सामान खरीद रहा था। इतने में पीछे से मुड़कर देखा कि ग्राम रमवापुर जगतराम निवासी किशन तिवारी, गगन चौरसिया, हनुमान उसकी बाइक लेकर भाग गये, वह बहुत चिल्लाया, लेकिन रुके नहीं। उसकी सूचना पर पुलिस ने तीनों के विरुद्ध चोरी का केस दर्जकर छानबीन कर रही है। कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान पुलिस केस डायरी का अवलोकन किया गया। जिसमें बाइक के साथ पकड़े गए किशन तिवारी व गगन चौरसिया से पूछताछ करने पर बताया कि वह वाहन चोरी करके कबाड़ी हनुमान कुमार को बेचते थे। जिसकी कबाड़ की दुकान विशुनपुर हरी चौराहे पर है तथा पूर्व में चोरी करके बयारा चौराहा, थाना भवानीगंज में भंगार की दुकान के मालिक पुलू उर्फ गुरु प्रसाद व उसके लड़के सूरज को बेचे थे। पुलिस ने किशन तिवारी व गगन चौरसिया के साथ हनुमान के कबाड़ की दुकान पर पहुंच चेक किया तथा दुकान में चोरी के पांच वाहनों के इंजन व अन्य पार्ट्स बरामद किये गये। मामले में चोरी व छिनैती के सामानों की बरामदगी, छल, कपट एवं कूटरचना के अपराधों की वृद्धि किया। अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि हनुमान कुमार का केस सह अभियुक्त पल्ल उर्फ गुरु प्रसाद एवं सूरज गुप्ता से भिन्न होने के कारण वह समानता के आधार पर जमानत पाने का अधिकारी नहीं है। मामले के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने यह जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किये जाने योग्य है कहते हुए जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।