आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की धमकी देने और बचाने के एवज में कॉल कर मांगे थे ढाई लाख
सीएमओ ने पुलिस को मौखिक सूचना दी, फिलहाल कोई कार्रवाई करने से बच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर।
साइबर अपराधी रैंडम कॉल करके लोगों से कई प्रकार से वसूली करते हैं। कहीं मुकदमे में फंसाने की बात करके तो कहीं अन्य माध्यम से। इसमें राजस्थान का मेवात और झारखंड का जामताड़ा मशहूर है, लेकिन सीएमओ को धमकी देकर ढाई लाख रुपये मांगने के मामले में किसी स्थानीय के होने का संदेह हो रहा है। क्योंकि कॉल करने वाले की आवाज ऐसी लग रही है जैसे कोई आसपास के जिले का ही है। हालांकि सीएमओ फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई करने से बच रहे हैं। उन्होंने पुलिस को सिर्फ मौखिक शिकायत ही की है।
मालूम हो कि सीएमओ डॉ. डीके चौधरी के मोबाइल पर सोमवार रात तकरीबन 12 बजे एक कॉल आयी। कॉल करने वाले ने कहा कि वह केंद्रीय मंत्रालय का कर्मचारी है। आपकी आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली है। इस मामले में जांच का निर्देश जारी हो गया है। अगर मामले को दबाना चाहते हैं तो तत्काल दिल्ली आ जाएं। ढ़ाई लाख रुपये दे दें। अगर नहीं आ पा रहे तो किसी के माध्यम से रुपये भेजवा दो। लगभग दो मिनट वार्ता के दौरान वह निजी नंबर भी मांग लिया और उस पर भी कॉल किया। सीएमओ पूरी बात को सुनते रहे और हां में हां मिलाते रहे। सीएमओ तो यह मान रहे थे कि कोई ठगने वाला ही होगा। क्योंकि अगर जांच भी होती तो स्टेट लेबल से कॉल आती न की दिल्ली से। वहीं, कॉल करने वाले की भाषा पर गौर करें तो बात करने वाला स्थानीय लग रहा है। क्योंकि सिद्धार्थनगर और बस्ती बार्डर पर तक लोग इस प्रकार से बात करते हैं। जबकि, झारखंड के जामताड़ा वाला गैंग होता तो बात- बात में ठेठ बोलन पर भी भोजपुरी निकल जाती है। वहीं, राजस्थान के मेवात की बात करें तो वहां के ग्रपु से जो कॉल करते हैं। उनकी भाषा कड़क होती है। आवाज में भारीपन होता है। एक बार मान लिया जाए दिल्ली से कोई काल करेगा तो स्थानीय जैसी भाषा नहीं होगी। बदलाव तो कुछ जरूर होगा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कोई मजाक कर सकता है फिर भी साइबर ठगों का कोई नया गैंग तैयार हो रहा है।
इस संबंध में सीएमओ ने बताया कि कॉल के बारे में पुलिस को मौखिक जानकारी दे दी हैं। फिलहाल लिखित शिकायत नहीं करेंगे। अगर दोबारा ऐसी कॉल आई तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।