सिद्धार्थनगर। आज्ञाराम की मौत रहस्य ही बनकर रह जाएगी। क्योंकि घटना के तीन दिन बाद भी परिवार के लोग खामोश हैं। उन्होंने इस मामले में पुलिस को कुछ भी नहीं बोला है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा जांच के लिए भेजा गया है। जबकि लाश के पास फैले खून के धब्बे से लोग हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे थे। हालांकि मृतक के शरीर में किसी जख्म के निशान नहीं पाए गए हैं।
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रेहरा गांव निवासी आज्ञाराम गांव से तीन किलोमीटर दूर गोल्हौरा थाना क्षेत्र के जिगनियावा चौराहे पर एक किराए के कमरे में कभी कभार रुकता था। घर से निकलने के तीन दिन बाद उसकी लाश मिली थी। मृतक के शरीर से बदबू आने लगी थी। लोगों के कहने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। उधर, परिवार के लोग लाश मिलने के चार दिन बाद भी खामोश हैं। गांव के लोगों में चर्चा है कि परिवार इसलिए आगेे नहीं आ रहा है कि वे लोग आज्ञाराम से नाखुश रहते थे। क्योंकि वह राजगीर मिस्त्री था लेकिन परिवार पर ध्यान नहीं देता था। कमाना और शराब पीना उसकी दिनचर्या थी। जब खेत बेचना शुरू कर दिया तो वह और नाराज हो गए। लोगों का यह भी कहना है कि परिवार भले ही नहीं आगे आ रहा है, लेकिन आज्ञाराम के साथ कुछ जरूर हुआ है, तभी उसकी जान गई है। इस संबंध में एसओ गोल्हौरा बालजीत राव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है।