शहर से लेकर गांव तक 484 वर्ग फीट बनेंगी कोटे की दुकानें, कुर्सी और पानी की भी होगी सुविधा
पहले चरण में 500 दुकानों को बनाया जाएगा मॉडल, एक पर खर्च होंगे 15 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब कोटे की दुकान पर राशन के साथ ही आय और जाति प्रमाण पत्र भी बनवा सकेंगे। कोटे की दुकान को मॉडल जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां सभी प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी। जिले में पहले चरण में 500 दुकानों का मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। एक दुकान शहर से गांव तक 484 वर्ग फीट दुकान बनेंगी और 15 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। अन्नपूर्णा भवन के नाम से इसकी पहचान होगी जो सभी प्रकार की सुविधाओं से लैश होगा। यहां बैठने के लिए कुर्सी और पीने के पानी की भी व्यवस्था रहेगी।
सरकार खाद्यान्न की वितरण में होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए कई नियम लागू किए। इसमें डिजिटल को बढ़ावा दिया गया और ई-पॉश मशीन से वितरण शुरू की गई, जिससे सही व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सके। अब तक वितरण की प्रणाली के सुधार पर जोर दे रही थी। अब दुकानों को बेहतर बनाने की कवायद शुरू की है। सरकारी राशन की दुकान का जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें उपभोक्ताओं को राशन के साथ ही वहीं दुकान पर आय, जाति सहित अन्य प्रकार के प्रमाण पत्र यहां तक आने वाले दिनों में गैस सिलिंडर भी मुहैया कराई जाएगी।
इसके लिए ग्राम पंचायत और शहर के पास वाले कोटे की दुकान को मॉडल बनाने की योजना बनाई जा रही है। जिले में पहले चरण में 500 दुकानों का मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र में पास वाले दुकानों के लिए संबंधित ग्राम प्रधान और जिम्मेदार जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जमीन मिलने के बाद 15 लाख रुपये की लागत से निर्माण करवाया जाएगा। यह पूरी तरह से डिजिटल सुविधा से लैश होगा। इसका अन्नपूर्णा उचितदर की दुकान एवं जनसुविधा केंद्र नाम होगा।
इतने रकबे में बनेगा मॉडल भवन रहेगी यह सुविधा
जिम्मेदारों के अनुसार निर्मित उचित दर दुकान का कुल क्षेत्रफल लगभग 484 वर्ग फीट होगा। उचित दर दुकान का निर्माण एक वृहद कक्ष में किया जाएगा, जिसमें दुकान तथा सीएससी के लिए अलग-अलग स्थान होगा। दुकान के समक्ष एक 24 फीट का बरामदा भी होगा, जोकि उचित दर विक्रेताओं के लिए वेटिंग हाॅल के रूप में रहेगा। बरामदे में तीन स्थानों पर नोटिस बोर्ड तथा एक स्थान पर सूक्ष्म पौधरोपण के लिए जगह सम्मिलित है। यहां पेयजल की सुविधा रहेगी।
पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवनों के नजदीक होंगी दुकानें
खाद्यान्न के डोर स्टेप डिलीवरी के सिंगल स्टेज व्यवस्था के अंतर्गत खाद्यान्न के वाहनों का उचित दर दुकान तक सुगमतापूर्ण पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन उचित दर विक्रेताओं की दुकानें संकरी गलियों में अवस्थित होने के कारण खाद्यान्न के वाहन सुगमतापूर्वक नहीं पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही आम जन-मानस को खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभाएं तथा शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर निगम अपने आर्थिक स्रोतों, मनरेगा आदि योजनाओं से राशन की दुकानों का निर्माण करेंगे। ये निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में यथासंभव पंचायत भवन एवं शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक भवनों के नजदीक स्थान की उपलब्धता के आधार पर किए जाने हैं। जमीन नहीं मिलने पर अन्य स्थान पर बनाया जाएगा।
सभी प्रकार की मिलेंगी सुविधा
कोटे की दुकान जनसुविधा केंद्र की तरह से होगा। यहां आय, जाति, निवास प्रमाण के लिए आवेदन, खसरा, खतौनी और सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। कुल मिलाकर लोगों को सारी सेवाएं गांव और मोहल्ले में स्थित दुकान पर मिल सकेगा। इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
जिले में हैं कोटे की 1321 दुकान
पूर्ति विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो जिले में शहरी क्षेत्र नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में कुल 1321 सरकारी राशन की दुकान है। 86 हजार से अणिक अंत्योदय और 3.85 लाख पात्र गृहस्थी कार्ड है और 19 लाख कुल परिवार कार्ड से जुड़े हुए हैं, जिनके नाम से हर माह राशन मिलता है।