राप्ती-बूढ़ी राप्ती नदी का कहर, हजारों एकड़ फसलें डूबीं
लाल निशान को छू रही हैं नदियां, बढ़नी, बिस्कोहर में तबाही सा मंजर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच कर तबाही की दस्तक दे रहा है। दोनों नदियों के तेजी से बढ़ने से बढ़नी, बिस्कोहर आदि क्षेत्र में दर्जनों गांव बाढ़ से घिर गए हैं। हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने पर लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। नेपाल में बारिश होने से राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से मात्र 29 सेंटीमीटर दूरी पर है तो बूढ़ी राप्ती नदी लाल निशान से मात्र 18 सेंटीमीटर दूर है। परसा प्रतिनिधि के अनुसार बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के दो दर्जन गांवों के किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है। बढ़ते जलस्तर से खैरी शीतल प्रसाद के खैरी, टीकर, करौता, चिरहगना, नकोलडीह, मुरव्वनडीह, पन्नापुर, तालकुंडा, गोनहा, तमकुहवा, मटियार उर्फ भुतहवा, मटियार, भुतहवा, खैरी उर्फ झुंगहवा, तिरछहवा, तौलिहवा आदि गांवों में रोपाई किया गया हजारों एकड़ धान की फसल नदी के पानी में डूब गई है। बाढ़ से प्रभावित इन गांवों के लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की तरफ से बाढ़ से बचाव के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। खैरी, टीकर व करौता में नदी कटान कर रही है। जबकि नकोलडीह जाने वाले मार्ग पर दो फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। नकोलडीह पानी से चारो तरफ से घिर गया है। गांव के छबीले, ईनर, कोदई, रामबेलास, रामहरीश, राकेश आदि का कहना है कि अभी बारिश के पानी से ये हाल है, अगर नेपाल ने पानी छोड़ा तो गांव मैरूंड हो जाएगा। शोहरतगढ़ तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित मटियार उर्फ भुतहवा, तौलिहवा, खैरी उर्फ झुंगहवा और खैरी शीतल प्रसाद गांवों का निरीक्षण ग्रामीणों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार लगातार हो रही बारिश से किसान के खेतों में पहले से जलभराव था। अब रोपाई होने के बाद राप्ती नदी में आई बाढ़ से क्षेत्र के ग्राम केशवाजोत, जहदा मुस्तहकम, वेतनार मुस्तहकम, रमवापुर जगतराम, पुरैना, लुगरेडीहा, सेखुई, सेनापति आदि गांव के किसानों का हजारों बीघा फसल डूब गई हैं। किसान टिर्रे एवं हरिभजन का कहना है कि बंधे मेें साइफन नहीं होने के कारण जल निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे प्रत्येक वर्ष सैकड़ों किसानों का हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से सोमवार को वेलवा बिजौरा गांव के पास शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर पानी बहने लगा। जिससे जुड़िकुइया वेलवा बिजौरा आदि गांव के किसान कल्लू, हृदयराम, रामहेत, अवधराम, केशवराम, कैलाश, रामचरन, खदेरू चौरसिया, अरुण दुबे, अनिरुद्ध दुबे, कमला दुबे आदि किसानों का फसल बाढ़ के पानी में डूब गया।
नदियों का जलस्तर का रिपोर्ट (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार रविवार
बानगंगा 93.420 92.80 93.00
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.470 85.390
राप्ती 84.900 84.610 84.510
जमुआर 84.89 82.600 82.200
तेलार 87.500 83.60 83.80
कूड़ा 83.520 82.440 82.340
घोघी 87.000 86.850 86.85