सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिकौरा गांव में राप्ती का बढ़ता जलस्तर व कटान किसानों के खेत की तरफ कर रही है। राप्ती के धीरे-धीरे कटान से गांव का करीब दस बीघा से अधिक खेती योग्य भूमि को अपने आगोश में ले चुकी है। गांव के परशुराम, बड़कन, दिनेश , मनोज आदि ने बताया कि हर साल कटान रोकने के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, मगर हमेशा की तरह राप्ती के बाढ़ में सब बह जाता है। अगर इसी तरह कटान जारी रहा तो दो तीन साल में पूरे गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।