सिद्धार्थनगर। शहर के सुनियोजित विकास में पुरानी बेतरतीब बसावट और अतिक्रमण रोड़ा बन रहा है। इंदिरानगर वार्ड के पिठनी मोहल्ले में घुसने पर आपको दो से तीन फीट तक की चौड़ी गलियों से गुजरना होगा। इन सकरी गलियों में स्थित घर के गंदे पानी की निकासी के लिए नगर पालिका को नाली निर्माण करना भी कठिन है। वहीं एकमात्र पुरानी बाजार की 10 फीट चौड़ी कपड़ेवाली गली से चार पहिया वाहन गुजरने के दौरान मशक्कत करनी होगी। यह गली सकरी होने के साथ ही अतिक्रमण की चपेट में है। इस गली में स्थित कपड़ा दुकानों पर खरीदारी करने आने वाले कार सवार अपने वाहन मुख्य सड़क अथवा पुरानी सब्जी मंडी परिसर में खड़ी करते है।
इंदिरानगर के पिठनी मोहल्ले में बेतरतीब पुरानी बसावट का नतीजा है कि मोहल्ले के कई घर तक चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सकते। इस सकरी गली के निवासी गुलाबचंद, तुलसी, राहुल पासवान व अनिल सिंह के घर वैवाहिक आदि मांगलिक कार्यक्रम के दौरान परिजन व रिश्तेदार को वाहन सड़क पर छोड़कर घर जाना पड़ता है।
मोहल्ला निवासी चंदेलाल कहते हैं कि पुरानी बेतरतीब बसावट के चलते यहां के लोगों को प्रतिदिन सांसत झेलना होता है। सबसे अधिक झेंप तब लगता है जब विवाह के दौरान दुल्हा अथवा दुल्हन को सड़क घर तक पैदल जाना पड़ता है। तब और परेशानी महसूस होती है जब यहां कोई बीमार पड़ता है और एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच पाती है। शहर में ऐसे कई मोहल्ले है जहां पुरानी बेतरतीब बसावट के चलते लोग सकरी गलियों में रहते है वहां विकास कार्य कराना भी कठिन होता है।
सरकारी भूमि व पोखरों पर कब्जा से बाधित विकास कार्य
शहर समेत पूरे जिले में बेशकीमती सरकारी भूमियों पर कब्जा से कई विकास योजनाएं लंबित हैं। इनमें भूमि नहीं मिलने से शहरी क्षेत्र में जिला अस्पताल, नर्सिंग स्कूल, पार्क और विद्यालय निर्माण कार्य लंबित है। 15 दिन पूर्व शहर के निकट महरिया में डीएम ने 30 बीघा भूमि कब्जामुक्त कराया। वहीं शहरी क्षेत्र में स्थित पोखरों के अतिक्रमणमुक्त नहीं होने से उनका सुंदरीकरण नहीं हो पा रहा है। जबकि नगर पालिका की तरफ से तहसील प्रशासन को पोखरों के अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए पत्र भेजा है।
अतिक्रमण से सकरा हुआ स्टेशन रोड व खजुरिया मार्ग
शहर के सिद्धार्थ तिराहा से रोडवेज व रेलवे स्टेशन होते हुए सोहांस तिराहा तक स्टेशन रोड अतिक्रमण से सकरा हो चुका है। 17 फीट चौड़ा यह रोड कई जगहों पर सिर्फ 12 फीट रह गया है। यहां तक कि शाम को सिद्धार्थ तिराहा पर दो चार पहिया वाहन एक साथ गुजर नहीं पाते, जिससे अक्सर जाम लगता है। वहीं शहर की सबसे व्यस्त 30 फीट चौड़ी खजुरिया मार्ग सिकुड़कर 15 फीट रह गया है। अतिक्रमण के चलते इस सड़क पर चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
मुख्य सड़क भी अतिक्रमण की चपेट में
शहर के मुख्य सड़क के चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा रही है। वर्तमान में सड़क के दाहिने तरफ चल रहे नाली निर्माण कार्य में भी कई जगह अतिक्रमण रोड़ा बन रहा है। इसमें कहीं दुकानों के सामने अतिक्रमण है तो कहीं के साथ ही सड़क के दोनों किनारे लगे बिजली खंभे व ट्रांसफाॅर्मर अभी भी लोगों की राह रोक रहे है। सड़क किनारे दुकानदारों ने बरामदा, सीढ़ी व रेलिंग बनाया ही नगर पालिका ने भी सफाई कर्मी आवास और सामुदायिक शौचालय बना रखा है।
अधूरा रह गया अतिक्रमण हटाने का अभियान
आठ माह पूर्व मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत कुछ हिस्सों में अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन अभी भी सड़क की पटरी खाली नहीं हो सकी है। वहीं स्टेशन रोड और खजुरिया मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के लिए हुए चिन्हांकन के बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। इससे खजुरिया मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य नहीं हो पा रहा है। मुख्य सड़क के चौड़ीकरण से पटरी में स्थित बिजली खंभे और ट्रांसफाॅर्मर अब सड़क किनारे आ चुके है, जो लोगों की राह रोकते दिख रहे है।
शहरी क्षेत्र में सरकारी भूमि, पोखरे एवं सड़क किनारे के अतिक्रमण हटाने के कार्य किए जा रहे है, जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का कार्य किया जाएगा।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़