शहर में ज्वेलरी की दुकान पर भाइयों के लिए चांदी की राखी की खरीददारी करती युवतियां। संवाद
300 से 5 हजार रुपये तक बिक रही चांदी की राखी
व्यापारियों को अच्छे कारोबार होने की बढ़ी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बहन भाई के अटूट प्यार का पर्व रक्षाबंधन इस बार भद्रा के कारण दो दिन मनाया जाएगा। 30 अगस्त की रात्रि से 31 की सुबह तक बहनें भाई की कलाई पर रक्षाबंधन बांध सकेंगी। पर्व को लेकर बाजारों में राखियों की बिक्री हो रही है। बाजार में 5 रुपये से लेकर 500 तक की राखियां हैं। वहीं सोने-चांदी से निर्मित राखियों की बिक्री भी खूब हो रही है। आभूषण की दुकान पर 300 से लेकर 5 हजार तक की राखी उपलब्ध है।
राखियां तो सभी बहनें भाइयों की कलाई पर बांधेंगी, लेकिन चांदी और सोने की राखी को पहली प्राथमिकता दी जा रही है। ज्वेलर्स भी लोगों की पसंद को भांप कर ऐसी राखियां बनवाई है, जो रक्षाबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि उसे सहेजकर रखने योग्य है। ब्रेसलेट मॉडल चांदी में है तो गोल्ड में बनी स्वास्तिक राखियां भी बहनों को खूब पसंद आ रही है। व्यवसायी भीमचंद कसौधन ने बताया कि सिल्वर और गोल्ड की राखियों का ट्रेंड बाजार में है। हर साल इनकी खरीदारी का ग्राफ बढ़ रहा है। मनीष वर्मा ने बताया कि चांदी से बनी विभिन्न डिजाइनों वाली राखियां की ब्रिक्री इस बार अधिक होने की उम्मीद है। उमेश वर्मा का कहना है कि इस बार सोना चांदी महंगा होने के बाद भी चांदी से निर्मित राखियों की बिक्री ज्यादा होने की उम्मीद है।