बांसी। अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शफीक ने मंगलवार को एक मारपीट के मामले की सुनवाई की। इसमें 11 आरोपियों में छह को एक वर्ष कठोर कारावास व 12 हजार जुर्माना। जबकि पांच को तीन वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है।
31 मई 2011 को जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी मारपीट हुई थी। जिसमें एक पक्ष के रामकुमार के प्रार्थनापत्र पर अभियुक्त तौलेश्वर, गुंडा ऊर्फ राधेश्याम, बालेश्वर दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई, लवकुश, सागर, संतगुलाम उर्फ घमालू, नरसिंह निवासी धोबहा थाना मिश्रौलिया। दूसरे पक्ष के वादी तौलेश्वर के प्रार्थनापत्र पर अभियुक्त बुधिराम केवट, कल्लू केवट, काशीराम, धर्मेंद्र केवट, रामकुमार गुप्त निवासी धोबहा थाना मिश्रौलिया के खिलाफ थाना मिश्रौलिया में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसकी विवेचना उपरांत दोनों मुकदमों में नामजद सभी अभियुक्तों के विरुद्ध विवेचक ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। दौरान सुनवाई अभियुक्त बालकेश्वर की मृत्यु हो गई। मंगलवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बांसी मोहम्मद शफीक ने सरकार बनाम तौलेश्वर में सभी अभियुक्त तौलेश्वर, गुंडा उर्फ राधेश्याम, लवकुश, सागर, संतगुलाम उर्फ घमालू, नरसिंह को दोषी करार कर एक वर्ष के कठोर कारावास व 12 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं, दूसरे पक्ष के बुद्धिराम, कल्लू, कांशीराम, धर्मेंद्र, रामकुमार गुप्ता को दोषी करार देते हुए तीन का कठोर कारावास व पचीस हजार रुपया जुर्माना से दंडित किया है। अभियोजन की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वर चन्द्र दुबे ने किया है।