सिद्धार्थनगर। गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। मौलाना अब्दुल कय्यूम रहमानी फाउंडेशन के तत्वाधान में हुए प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया। संगठन के अध्यक्ष बदरे आलम ने कहा कि भारत विभिन्न जातियों, धर्म और समुदायों का देश है। विविधता में एकता भारत की पहचान है और यहां धार्मिक महत्व वाले कई पशुओं की पूजा की परंपरा है। इसमें गाय एक पूजनीय पशु है, जिसका सदियों से विशेष महत्व रहा है। देवेंद्र नाथ त्रिपाठी व कैलाश बाजपेई का कहना था कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, श्रद्धा व सम्मान भाव से गो माता कहकर पुकारा जाता है, इसलिए गाय को राष्ट्रीय माता अथवा राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। जिससे इनका संरक्षण, रखरखाव और उचित सम्मान हो सके। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित होने पर गो हत्या जैसी घटनाओं पर पूर्ण तरीके से विराम लग सकेगी। साथ ही गोवंश से जुड़े दूध, घी आदि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान मुहम्मद इब्राहिम, जावेद, पंकज चतुर्वेदी, फैजान, शफीक व गोपाल प्रसाद फौजी आदि मौजूद रहे।