फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: 60 करोड़ के प्रस्ताव अटके, डेढ़ लाख शहरी झेल रहे जलभराव का दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद ने शहर के 25 वार्डाें में विभिन्न कार्य कराने के लिए भेजा है धनराशि का प्रस्ताव
विज्ञापन

जलभराव की समस्या से जूझ रहे शहर के विभिन्न मुहल्ले, मात्र दो करोड़ काम की मिली स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए 60 करोड़ रुपये की बनी कार्ययोजना अभी शासन में अटकी पड़ी है। जिसका नतीजा यह है कि शहरवासियों को अभी और कुछ दिन टूटी सड़कों पर हिचकोले खाते हुए जलभराव का दर्द झेलना होगा। सोमवार सुबह खजुरिया मार्ग के कीचड़ व पानी से भरे गड्ढों से गुजरे बाइक सवार अमित फिसलकर गिरने से बचे तो उनके मुंह से निकला आखिर कब इस दर्द से मुक्ति मिलेगी। उधर, शासन से प्रस्तावित कार्ययोजना में मात्र दो करोड़ रुपये से एक नाले के निर्माण की स्वीकृति मिली है, तो उस पर भी कार्य बरसात बाद ही संभव है।
निकाय चुनाव के बाद गठित नगर पालिका बोर्ड की 30 मई 2023 को हुई पहली बैठक में शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए मास्टर प्लान बनाकर कार्य कराने का निर्णय हुआ था। जिसके क्रम में नगर पालिका की तरफ से कार्ययोजना बनाकर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों में मरम्मत कार्य की भी योजना भेजी गई है। तीन माह बाद भी इन योजनाओं की स्वीकृति नहीं मिलने से शहरी सांसत झेल रहे है। टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके खजुरिया रोड के गड्ढों में बारिश होने पर जलभराव से राह चलना मुश्किल हो जाता है। बारिश होने पर इस सड़क पर दो से ढाई फीट पानी चढ़ जाता है। शहरियों का कहना है कि अगर जलभराव की समस्या से निजात मिलती तो सड़कों के टूटने की भी समस्या समाप्त हो जाती।
विज्ञापन


कार्ययोजना में यह कार्य थे शामिल
जलनिकासी के लिए शहर के मुख्य मार्ग किनारे हायडिल तिराहे से रेलवे क्राॅसिंग गेट तक, सिद्धार्थ तिराहे से पेट्रोल पंप तिराहे तक, स्टेशन रोड और खजुरिया मार्ग पर नाले के निर्माण का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल है। इसके अलावा थरौली से नवीन मंडी होते हुए नाले का निर्माण प्रस्तावित है। इनके अलावा खजुरिया मार्ग समेत पुराने एवं विस्तारित क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों में टूटी व क्षतिग्रस्त सड़कों का मरम्मत का कार्य भी कार्ययोजना में शामिल है।
-
जलभराव से जूझ रहा शहर
रविवार रात हुई बारिश के बाद सोमवार को कई सरकारी कार्यालय और विभिन्न मुहल्ले जलभराव से जूझते नजर आए। पीएचसी नौगढ़, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी व वन विभाग कार्यालय परिसर में बारिश का पानी भर जाने से लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। कर्मचारी आवास में भी पानी भर जाने से उनके परिजन भी परेशानी झेल रहे हैं। शहर के थरौली, भीमापार मुहल्ले की सड़कों और कांशीराम आवास मार्ग पर जलभराव होने से लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
-
खजुरिया मार्ग पर जलभराव से कराहता है शहर
बरसात होने पर खजुरिया मार्ग पर जलभराव होने से पैदल, साइकिल व बाइक सवार समेत कार चालकों को कई दिन तक सांसत झेलनी पड़ती है। जलनिकासी के लिए सड़क किनारे बने सकरी नाली चोक होने इस मार्ग पर दो फीट से अधिक पानी रहता है। इस बीच सड़क किनारे के मुहल्ले के लोगों का घर से निकलना दूभर हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाना, कर्मचारियों को दफ्तर और लोगों को बाजार जाने को सड़क ढूंढते हुए पानी से गुजरना बेहद मुश्किल होता है।
- सोहांस मार्ग नाला निर्माण ठप
तेतरी-सोहांस-लोटन मार्ग पर सोहांस तिराहे से पिठनी पुल तक शुरू हुआ नाला निर्माण वर्तमान में ठप है। इस नाले के निर्माण से रेल लाइन के दूसरी तरफ शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित कई मुहल्लों की जलनिकासी की समस्या से निजात मिल जाएगी। यह नाला जमुआर नाले में गिरेगा, जो उच्चाधिकारियों के कई बार निर्देश के बावजूद कुछ दूरी तक बनने के बाद रुक गया है। इससे शहर के सोहांस तिराहे पर दुकानदारों व राहगीरों को जलभराव से जूझना पड़ रहा है।

नाला निर्माण के लिए दो करोड़ की स्वीकृति
नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव ने बताया कि नगर पालिका में सिद्धार्थ तिराहे के निकट रेलवे क्राॅसिंग गेट से हाइडिल तिराहे तक नाला निर्माण के लिए 1.90 करोड़ की स्वीकृति शासन से मिली है। इससे शहर के कई मोहल्लों एवं इस सड़क पर स्थित सरकारी कार्यालयों से जलनिकासी में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही शहर के अन्य हिस्सों में नालियों के निर्माण एवं सड़कों के मरम्मत की कार्ययोजना की भी मिल जाएगी। जिसके बाद शहरियों को समस्याओं से राहत मिलेगी।

शहर में टूटी सड़कों और जलभराव की समस्या पांच वर्ष से बढ़ गई है, जब तक जलनिकासी का उचित प्रबंध नहीं होगा, तब तक शहरियों को सांसत झेलनी होगी।
देवेंद्र कसौधन, शहरी
मुहल्ले समेत पूरे शहर में जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण लोगों की सांसत हो गई है। मुहल्ले में मुख्य सड़क किनारे जलभराव इसका पोल खोल रहे हैं। नुरूल हसन, शहरी
विज्ञापन

-
वर्जन...
शहर के सभी वार्डों में सर्वे कराकर करीब 60 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें दो करोड़ रुपये के कार्य की स्वीकृति मिल गई है। इससे बरसात बाद शहर के मुख्य मार्ग के किनारे नाला निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा, उसके बाद जलनिकासी की राह आसानी हो जाएगी। जैसे जैसे स्वीकृति मिलेगी, वैसे ही कार्य कराया जाएगा।
गोविंद माधव, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें