विकासखंड खेसरहा के कार्यालय परिसर में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने पंचायत कर किसानों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इसके समाधान के लिए बीडीओ खेसरहा को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
किसान पंचायत में जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा कि देश की सरकारों को किसानों की सुध नहीं है। किसानों को उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रकृति की मार झेल रहा व कर्ज में डूबा किसान आत्महत्या करने को विवश है।
इसके बाद भी प्रदेश व देश की सरकारें नहीं चेत रही हैं। तहसील अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ने कहा कि इस देश के 70 प्रतिशत लोग खेती किसानी से जुड़े हैं, मगर किसानों की समस्याओं के समाधान पर सरकारी विभागों के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ब्लाक अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि महुलानी गांव मे बांसी-धानी मार्ग से बाबू राम के खेत तक चकरोड को आधा-अधूरा पटवा कर पूरे का भुगतान ले लिया गया है। इसी तरह समग्र गांव सेमरा मुस्तकम में सड़क किनारे नाली का आधा निर्माण कर छोड़ दिया गया है।
इससे सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी-कर्मचारी किसानों व ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। किसान पंचायत में महेंद्र चौधरी, अनिल मौर्या, रामवृक्ष राय, सुभावती, आरती, कैलाशी आदि उपस्थित रहे।