छठ पूजा में बढ़ी दिक्कत, गोरखपुर से होकर दिल्ली जा रहे हैं यात्री
रोडवेज की एक बीएस-6 बस ही जा रही है दिल्ली रूट पर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दीपावली और छठ पजा में महानगरों में रहने वाले जिले के प्रवासियों की यात्रा कठिन हो गई है। दीपावली से पहले जो लोग ट्रेनों, बसों में सांसत का सफर तय करते घर आ गए हैं, उन्हें वापस जाने में भी उन्हीं दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है। उसी प्रकार छठ पूजा में घर आने वालों को भी मुश्किलों भरा सफर तय करना पड़ रहा है। दीपावली के बाद और छठ पूजा से पहले यात्रा करना बहुत कठिन हो गया है। घर आना हो या घर से कमाने जाना है, दोनों ओर से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
त्योहार के सीजन में दिल्ली व मुंबई से आए हुए यात्रियों को वापस जाने व छठ पूजा मनाने के लिए घर आने के लिए लोगों को दिल्ली से सिद्धार्थनगर आने के लिए सरकारी बसें नहींं मिल रही हैं। ट्रेन में सीटें फुल होने व रोडवेज की बसों का संचालन न होने से यात्रियों को गोरखपुर व बस्ती होकर घर आना पड़ रहा है।
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह 11 बजे लखनऊ की ओर से गोरखपुर एक्सप्रेस आई तो कोच में अंदर फर्श पर बैठकर यात्रा करते हुए लोग दिखे। प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकी तो चढ़ने वालों की जल्दीबाजी ऐसी थी कि उतरने वालों को बड़ी दिक्कत हो रही थी। इसी ट्रेन से गोरखपुर गए कानपुर के खुर्शीद अख्तर ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर आए थे। रोडवेज स्टेशन कानपुर जाने के लिए कोई बस नहीं थी तो वे गोरखपुर जा रहे हैं, वहां से बस या ट्रेन मिल सकती है।
इसी ट्रेन से लखनऊ से यात्रा करके आए रामायन सिंह ने बताया कि ट्रेन में छठ पूजा की इतनी भीड़ है कि चार लोगों की सीट पर आठ लोग बैठे थे। यहां उतरे हैं तो बहुत ही थका महसूस कर रहा हूं। सोचिए, जो मुंबई, दिल्ली से ही ऐसी यात्रा कर रहे हैं, उनका क्या हाल होगा?
निजी बस से यात्रा
दिल्ली से आए शोहरतगढ़ क्षेत्र के अमित ने बताया कि बीएस-6 की बसों के अलावा अन्य बसे कौशांबी बाॅर्डर तक ही जा रही हैं। सिद्धार्थनगर के लिए बस नहीं मिल पा रही है। दिवाली में घर आना था। ट्रेन में जगह नहीं होने से निजी बस से यात्रा करनी पड़ी। किराया डेढ़ गुना देना पड़ा।
शादी के दिन आएंगे घर
दीपावली व छठ पूजा मनाने घर आना था, लेकिन मुंबई से सिद्धार्थनगर के लिए ट्रेन में कोई भी सीट खाली नहीं थी। भतीजी की शादी के दिन के लिए टिकट मिला है, उसी से आएंगे। बस का संचालन होता तो यात्रा करने में कठिनाई नहीं होती।
-सरिता, यात्री
दीपावली में दिल्ली से सिद्धार्थनगर के लिए बस नहीं मिली। सिद्धार्थनगर आने वाली ट्रेन में सीट नहीं मिली तो गोरखपुर रेलवे स्टेशन का टिकट लिया हूं। गोरखपुर होते हुए आने पर तीन घंटे अधिक सफर करना पड़ेगा और किराया भी अधिक लगेगा।
-आकाश, यात्री
जाने में भी लग रहा है अधिक किराया
दीपावली मनाने दिल्ली से अपने गांव आए थे। अब त्योहार खत्म हो गया है। वापस जाने के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन कराने का प्रयास किया लेकिन लंबी वेटिंग चल रही है। डुमरियागंज से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा बंद हो जाने से मजबूरन हमें लखनऊ होते हुए दिल्ली जाना पड़ेगा।
-दिनेश पांडेय, ग्राम जाखोली
सर्दी के सीजन के समान के लिए दिल्ली जाना है। दिल्ली की सभी ट्रेनों में छठ पूजा के चलते लंबी वेटिंग है। यहां से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। अब उनको डुमरियागंज से बस्ती, बस्ती से लखनऊ और वहां से दिल्ली जाना पड़ेगा। इसमें समय और किराया अधिक लगेगा।
-शमीम अहमद, ग्राम टिकरिया
वर्जन
कौशांबी तक सभी बसों का संचालन हो रहा है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो रही है। ई बसों की मांग की गई है। बसों के आ जाने से दिल्ली के लिए बीएस-6 बसों का संचालन किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम