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Siddharthnagar News: रोडवेज बस के सामने से सवारी उठा ले रहे निजी बस वाले, जिम्मेदार लिख रहे सिर्फ पत्र

Tue, 30 May 2023 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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बढ़नी कस्बे में प्राइवेट बस में बैठते यात्री। 
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सिद्धार्थनगर। डिपो से निकलने वाली रोडवेज बसों की सवारी निजी बस वाले जबरिया बैठा ले रहे हैं। वहीं विवाद की बात कहकर सरकारी बस के चालक और परिचालक चुप खड़े यह सब देख रहे हैं। इस वजह से बसों में सवारियों कम हो जा रही हैं। सबसे अधिक समस्या बांसी और बढनी में हैं। जहां लखनऊ और दिल्ली जाने वाले बसों के पास ही निजी बस लगाकर सवारी भरी जा रही हैं। सोमवार को रोडवेज के सामने पड़ताल की गई तो यह हकीकत सामने आई। निजी बस वाले यात्रियों से किराया भी अधिक वसूलते हैं। इस पूरे मामले में यातायात विभाग मौन है। वहीं एआरएम ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है।
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सोमवार को रोडवेज डिपो के ठीक सामने सड़क पर निजी बस लगा दी गई। इधर रोडवेज वाले लखनऊ के लिए चिल्ला रहे हैं। तो वहीं गेट पर निजी बस वाले। यह लोग यात्रियों को पकड़कर लेकर जाते हुए देखे गए। जोगिया निवासी यात्री उमेश की निजी बस वाले से बहस हो गई। उन्हें निजी बस वाले जबरिया लेकर जाने लगे तो विरोध पर उतर आए। कहा कि रोडवेज बस की सेवा सुरक्षित है और इसमें उनकी जवाबदेही तय होती है। यह स्थित रहमत अली के साथ हुई। वह परिवार के साथ बस्ती जा रहे थे। निजी बस वाले ने कहा कि सरकारी बस लेट चलेगी। हम जल्द पहुंचा देंगे। यह कहते हुए कई सवारियों को भर लिए। वहीं दोपहर में बढनी रेलवे स्टेशन के पास गोंडा के रास्ते लखनऊ को जाने वाली बस लगी थी। जहां पर सवारी मिलते हैं, वहां बस पहुंचने से पहले ही निजी बस वाले सवारियों को पकड़ने लगे। हम जल्दी पहुंचा देंगे। कम किराया लगेगा। रोडवेज में परेशानी होती है। इस प्रकार का झांसा देकर यात्रियों को बैठाते हुए दिखे। हालांकि जो लोग जानकार थे। वह रोडवेज के ही बस में बैठे। बढ़नी निवासी रामकेश ने कहा कि ऐसा हर दिन होता है। डर की वजह से रोडवेज वाले बोल नहीं पाते हैं। वहीं यात्री भी विवश होकर बैठते हैं। कई इस वजह से सीटें खाली रह जाती हैं।
सिद्धार्थनगर डिपो से प्रतिदिन दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, बरेली, गोरखपुर सहित विभिन्न रूटों पर 50 से अधिक बसें चल रही हैं। लेकिन इसे सवारियों को भरने की चुनौती खड़ी हो जा रही है। कारण जहां बसें रुकती हैं, वहां पहले से ही निजी बस वाले खड़े रहते हैं, जिससे रोडवेज बसों को सवारियां नहीं मिल पाती हैं। रोडवेज के पास ऐसा नहीं हो पा रहा है। लेकिन बांसी और बढनी में रोडवेज चालक और परिचालक के सामने से ही यात्रियों को घुमाकर निजी बस वाले लेकर चले जा रहे हैं। निजी बस वालों के लोकल होने के कारण रोडवेज के कर्मचारी कुछ बोल नहीं पाते हैं। लखनऊ रूट पर निकलने वाली अधिकांश बसें बांसी रोडवेज होकर जाती हैं। तहसील मुख्यालय होने के बाद भी सवारी नहीं मिल पाते हैं। कारण बस के साथ ही बुकिंग वाली गाडिय़ां लगा दी जाती हैं। इस संबंध में एडीएम उमाशंकर ने बताया कि अगर ऐसा है तो टीम तैयार करके जांच कराई जाएगी। निजी बस संचालकों को वहां से हटवा दिया जाएगा।
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बांसी और बढनी में रोडवेज बसों के सामने से जबरिया निजी बस वाले सवारी भर ले रहे हैं। जिससे बसों में सवारियां कम हो जा रहीं हैं। इसके लिए पत्राचार किया गया है। जिससे इन पर अंकुश लग सके।
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- जगदीश प्रसाद, एआरएम, सिद्धार्थनगर डिपो



डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई जा रही है। रोडवेज स्टेशन के सामने से अगर सवारी उठाई जा रही है तो यह गलत है। विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
अरुण प्रकाश चौबे, एआरटीओ, सिद्धार्थनगर
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