सिद्धार्थनगर। बांसी कोतवाली क्षेत्र के नरही गांव निवासी रामप्रकाश की शुक्रवार सुबह मेरठ स्थित पटाखा की फैक्टरी में आग लगने से मौत हो गई। मृतक अपने अन्य तीन भाइयों के साथ मेरठ में रहता था। मौत की खबर मिलने के बाद घर पर रह रही मां और भाई की पत्नी भी घर पर ताला लगाकर चले गए। गांव के लोग इस घटना से अनजान हैं।
क्षेत्र के नरही बुजुर्ग गांव निवासी प्रेमप्रकाश (40) अमरनाथ अपने तीन भाई चंद्रप्रकाश, गोविंद और रामानंद के साथ मेरठ में रहता था। वह शादी नहीं किया था, जबकि दो भाइयों की शादी हो चुकी है। एक छोटे भाई की शादी नहीं हुई। उसके साथ रहकर तीनों अलग-अलग काम करते थे। जबकि प्रेमप्रकाश कस्बा गागलहेड़ी के पास स्थित दिनारपुर गांव में रह रहा था। वह वहीं पास में स्थित छजपुरा गांव में स्थित अनिल लांबा की पटाखा फैक्टरी में काम करता था।
प्रभारी निरीक्षक उमेश रोगिया के मुताबिक शुक्रवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग लगने से वहा रखे पटाखों में आग लग गई। और तेज धमाके होने के कारण फैक्टरी की टीम शेड हवा में उड़ गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया था। फैक्टरी में काम करने वाले कई लोग चोटिल हो गए और एक व्यक्ति पटाखों की आग में जिंदा जल गया था। उसकी कोई पहचान पहचान प्रेम प्रकाश के रूप में की गई। मौत की खबर गांव में रह रही मां और भाई की पत्नी को लगी तो वह बिना किसी को बताए घर पर ताला लगाकर चले गए। इस घटना से गांव के लोग अनजान हैं। उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।