बृहस्पतिवार को उसका थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीओ सदर सुजीत कुमार राय ने हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, प्रशांत कुमार गुप्ता पुत्र वासुदेव गुप्ता निवासी साड़ी 18 फरवरी सेे लापता था। 21 फरवरी को उसकी लाश मिली, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली की हत्या करने वाले संदिग्ध सदर थाना क्षेत्र के सनई तिराहा के पास मौजूद हैं। इस पर एसओ उसका रोहित कुमार उपाध्याय, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। यहां एक युवक और युवती मिले। पुलिस को देखकर वे हड़बड़ा गए। संदेह पर दोनों को पकड़ कर पुलिस ने पूछताछ की तो उनकी पहचान शिखा चौरसिया पुत्री राजकुमार उर्फ बजरंगी चौरसिया निवासी बदौली खुर्द थाना बांसी और विजय गुप्ता निवासी रानीजोत पोस्ट मस्कनवा थाना छपिया जनपद गोंडा के रूप में हुई। विजय और शिखा का प्रेम प्रसंग चल रहा है। शिखा जोगिया कोतवाली क्षेत्र के करौंदा मसिना में किराये पर कमरा लेकर रहती थी। विजय ने भी यहां एक कमरा किराए पर ले रखा था और अक्सर आता-जाता था।
पूछताछ में पता चला कि प्रशांत के के पास शिखा का एक वीडियो था, जिसे सोशल मीडिया पर डाल देने की धमकी देकर वह उसे ब्लैकमेल करता था। वहीं प्रशांत के एक करीबी आयुष उर्फ संगम मिश्र को शक था कि प्रशांत का उसकी मां के साथ संबंध है। शिखा और संगम दोनों प्रशांत को ठिकाने लगाना चाहते थे। इसलिए दोनो मिल गए। इसमें शिखा के प्रेमी विजय ने भी साथ दिया और तीनों ने मिलकर प्रशांत को मार डाला।
प्रशांत की हत्या की मुख्य वजह
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि शिखा प्रशांत की पत्नी के साथ ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। करीब तीन साल पहले वहीं शिखा की पहचान प्रशांत से हुई। दोनों में करीबी बढ़ गई। इस दौरान प्रशांत ने शिखा के कुछ वीडियो भी बना लिए थे। बताया जा रहा है कि शिखा का करीब एक साल पहले गोंडा के रहनेवाले एक अन्य युवक विजय गुप्ता के साथ भी प्रेम संबंध बन गया। इसके बाद वह प्रशांत से दूर-दूर रहने लगी। शिखा के विजय के साथ लिव इन में रहने का प्रशांत को पता चला तो वह पहले के बनाए वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। इससे शिखा तंग आ चुकी थी। वहीं प्रशांत के करीबी आयुष उर्फ संगम मिश्र को शक था कि प्रशांत का उसकी मां के साथ भी अवैध संबंध है। इसलिए शिखा ने विजय गुप्ता व आयुष के साथ मिलकर मर्डर का प्लान तैयार किया।
इस प्रकार की गई थी हत्या
पूछताछ में सामने आया है कि 17 फरवरी को शिखा ने प्रशांत को अपने किराये के कमरे पर करौंदा मसीना बुलाया। प्रशांत से पहले विजय और आयुष पहुंच चुके थे और घर में छिप कर उसका इंतजार करने लगे। प्रशांत आया तो दोनों गमछे से उसका मुंह बंद कर दिया और लोहे की रॉड से उसके सिर पर कई वार किये व गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान शिखा ने प्रशांत के पैर दबाए रखे थे। हत्या के बाद में तीनों ने शाम होने का इंतजार किया और प्रशांत की ही बाइक से उसकी लाश को जोगिया-उसका मार्ग पर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस को भटकाने के लिए बाइक को सदर थाना क्षेत्र के बिनैका गांव के पास छोड़कर चले गए, ताकि पुलिस समझे की बाइक यहां मिली है तो वह भी इसी क्षेत्र में होगा।
कमरे में मिले खूने के छींटे और रॉड
हत्यारोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस मसीना स्थित उस कमरे पर लेकर गई, जहां पर उसकी हत्या की गई थी। यहां पुलिस को खून के छींटे आदि के निशान मिले और आरोपी की ही निशानदेही पर वह रॉड भी बरामद किया, जिससे उसका सिर पर वार किया गया था।
सर्विलांस और एसओजी की सक्रियता ने केस का बना दिया आसान
प्रशांत की लाश मिलने के बाद एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव और सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह अपनी-अपनी टीम के साथ खुलासे में लग गए। मिलने जुलने वालों और संदिग्ध नंबरों की जांच शुरू की। हर बिन्दुओं पर मंथन करके लाश मिलने के 12 घंटे बाद ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पकड़ने वाली टीम में यह लोग रहे शामिल
थानाध्यक्ष उसका बाजार रोहित कुमार उपाध्याय, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव, सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र सिंह, एसआई उपेन्द्र कुमार राव, महिला आरक्षी पूनम पाल, एसीपी राजीव शुक्ला, आशुतोष धर द्विवेदी, छविराज यादव, विरेन्द्र त्रिपाठी, जनार्दन प्रजापति, हिन्दे आजाद, विवेक मिश्र आदि शामिल रहे।
मोहल्ला शहबाजपुर में बिजली की जर्जर लाइन। संवाद
मोहल्ला शहबाजपुर में बिजली की जर्जर लाइन। संवाद