सिद्धार्थनगर। शहर में शुक्रवार को जब ऊर्जा मंत्री एके शर्मा बिजली अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, शहरियों को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ा। शहर के मुख्यालय फीडर के उपभोक्ताओं काे चार घंटे तक बिजली कटने के कारण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, जबकि दिन में भी बिजली कटौती से शहरियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक बिजली कटी रही, जबकि सुबह 8 से 10 बजे के बीच बिजली कटौती हुई। इस कारण केंद्रीय विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा। पानी पीने की दिक्कत हुई। कई छात्र गर्मी की वजह से बीमार पड़ गए। हालांकि, घर पहुंचे बच्चों को दवा खिलाने की नौबत भी आई।
केंद्रीय विद्यालय में एलकेजी से लेकर 12वीं तक के करीब 900 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन यहां पर बिजली जाने के बाद जनरेटर नहीं चलता है। शुक्रवार को कक्षा छह से 12 तक के छात्रों का डेढ़ घंटे का परीक्षा हुई। इसी बीच बिजली कट गई और आती जाती रही। परीक्षा के बाद बच्चों की कक्षाएं फिर चली, इस दौरान बिजली कटौती के कारण पीने के पानी की भी समस्या हुई।
इस दौरान भी बिजली कटती रही। उमस भरी गर्मी में बच्चे परेशान रहे, लेकिन विद्यालय की तरफ से जनरेटर नहीं चलाया गया। बिजली न होने से कई बच्चे घर पहुंचते ही बीमार पड़ गए। जिसके कारण वह ट्यूशन नहीं कर सके और होमवर्क करने में भी समस्या हुई।
नाम न छापने की शर्त पर कई छात्रों ने बताया कि प्राइवेट स्कूल में बिजली कटते ही जेनरेटर चलने लगता है, लेकिन केंद्रीय विद्यालय में कभी नहीं चलता है। इस संबंध में प्राचार्य अश्वनी राय ने बताया कि विद्यालय में जनरेटर नहीं है। बिजली कटने के बाद बच्चों को थोड़ी दिक्कत जरूर होती है। गर्मी इतनी अधिक पड़ रही है, इस कारण परेशानी हो रही है।
वर्जन
शहर में एक स्थान पर जलने और दूसरे स्थान पर तार आपस में सट जाने के कारण बिजली कटी थी। फॉल्ट ढूढ़ने और मरम्मत करने में अधिक समय लग गया। बिजलीकर्मी आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए थे।
-एसके पासवान, अधीक्षण अभियंता