सिद्धार्थनगर। शहर के 25 वार्डाें में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गईं हैं। इससे लगभग दो लाख की आबादी परेशान है।
इन वार्डाें में रात में अंधेरा छा जाता है। कहीं लाइटें लगी हैं तो वह भी कई माह से खराब है। इससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनकी इस समस्या का निदान करने वाले खामोश हैं। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में 25 वार्ड हैं और मौजूदा समय में आबादी की बात करें तो यह लगभग दो लाख की करीब पहुंच चुकी है। शहर का दायरा बढ़ रहा है, लेकिन विकास की गति पर ब्रेक है। जैसे नाली सड़क आम समस्या बन चुकी है। वहीं रोशनी की समस्या बड़ी है। कारण उजाले का सपना दिखाने वाले शहर की हर शाम इसलिए अंधेरी हो जाती है कि रोशनी का कोई प्रबंध नहीं है।
गली-मोहल्लों में निकलने वाली सड़क पर बसे लोग जबतक जागते हैं, तब तक घर के सामने की बिजली जलाते हैं। सोते ही बिजली बंद कर देते हैं। ऐेसे में सड़क अंधेरे में विलुप्त हो जाती है। बाइक से चलने वालों को तो परेशानी नहीं होती है, लेकिन पैदल और साइकिल आदि से आने वालों को निकलने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही किस मोहल्ले की गली में कौन छिपा है और क्या कर दे इसका कोई अंदाजा नहीं है।
अभी हाल ही में एक कारोबारी को रात 12 बजे चाकू मार दिया गया। बदमाश उसके घर के पास छिपे थे और बाहर निकलते ही मार दिए। इस प्रकार की अन्य घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अनजान हैं।
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नगर के सिंहेश्वरीपुरम मोहल्ले में बहुत पहले एक पोल स्ट्रीट लाइट लगी थी। इससे आने- जाने वालों को सहूलितय थी, लेकिन आठ माह से स्ट्रीट लाइट खराब है। शाम को अंधेरा छा जाता है। राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
- दीपक प्रजापति, सिंहेश्वरीपुरम
वन विभाग काॅलोनी शहर मुख्य मोहल्ला बन चुका है। इसी मार्ग से लोग सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन, सिहेंश्वरी मंदिर पर जाते हैं, लेकिन इस मार्ग पर रोशन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी मार्ग पर दुकान चलाते हैं। रात में अंधेरा छा जाता है। इस अंधेरे का फायदा उठाकर चोर दो बार साइकिल चोरी कर चुके हैं। अगर रोशनी की व्यवस्था होती तो शायद यह चोरी नहीं होती।
- रमेश कुमार, वन विभाग, कॉलोनी
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अंधेरे के कारण हो चुकी है चोरी
नगर के पूरब पड़ाव में रहने वाले अधिवक्ता के यहां चोरों चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। 20 लाख रुपये से अधिक का सामान उठा ले गए थे। अगर आसपास बिजली की व्यवस्था होती और रोशनी होती तो घनी आबादी के बीच चोर वारदात को अंजाम नहीं दे पाते।
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पुलिसकर्मी के घर हुई थी चोरी
शहर के बेलसड़ क्षेत्र में मकान बनाकर रहने वाली एक पुलिसकर्मी के घर ताला तोड़कर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया था। नकदी और लाखों का आभूषण उठा ले गए थे। इस मोहल्ले में भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
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बिल कम आए इसके लिए बुझा देते हैं बिजली
बिजली बिल का भार कम पड़े इसलिए जिले घरों पर दरवाजे के तरफ लाइट लगा है वह भी बुझा देते हैं। ऐसे में रात के 10 बजते ही मोहल्लों की सड़कों पर अंधेरा कायम हो जाता है। यहां पर कोई कुछ भी करके चला जाए, कोई पता नहीं है।
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मुख्य मार्ग को छोड़कर हर तरफ अंधेरा
शहर के मुख्य मार्ग को छोड़कर लगभग किसी मोहल्ले के पोल स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। नगर के उसका मार्ग से लेकर बर्डपुर रोड पेट्रोल पंप तक रोशनी की व्यवस्था की गई है।
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सुरक्षा के मद्देनजर लगाई जाती है स्ट्रीट लाइट
अंधेरे के कारण राहगीरों को परेशानी न होने पाए। उन्हें आने- जाने में परेशानी न हो। साथ ही उजाला रहे चोर चोरी की वारदात को अंजाम न दे सकें। इसलिए स्ट्रीट लगाई लगाई जाती है। नियमत: बिजली के हर पोल पर स्ट्रीट लाइट लगना चाहिए।
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बोले अधिकारी
नगर में स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है। नगर के हर मोहल्ले का सर्वे करके लाइट लगाया जाएगा।
- मुकेश कुमार चौधरी, ईओ, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर