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Siddharthnagar News: साॅल्वरों के जरिए बिहार गैंग के नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी पुलिस

Sun, 18 Feb 2024 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले पांच सॉल्वर एक सहयोगी सहित सभी नौ लोगों पर धोखाधड़ी सहित अन्य मामले में पुलिस ने देर रात केस दर्ज किया। पूछताछ के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। साॅल्वरों से मिले इनपुट के जरिए पुलिस गैंग के नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी है। साॅल्वरों के तार गोरखपुर और बिहार के पश्चिमी चंपारण और पटना में बैठे लोगों से जुड़ रहे हैं। ऐसी जानकारी मिल रही है।
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पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा में शनिवार को जिले के पांच परीक्षा केंद्रों पांच साॅल्वर और एक सहयोगी और तीन अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान पकड़ा गया था। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और परीक्षा अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया था। पुलिस की पूछताछ में कई अहम सुराग लगे हैं। जिसके सहारे पुलिस साॅल्वर गैंग के सरगना की कुंडली खंगालने में जुटी है।
जानकारी के हिसाब से पुलिस की कई टीमें अपने सूत्रों के संपर्क में हैं। सूत्रों की मुताबिक पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से गोरखपुर और बिहार के पश्चिमी चंपारण और पटना के कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। यह कहां तक सही है पुलिस की जांच में सामने आएगा। गैंग तक पहुंचने के लिए पुलिस टेक्निकल का भी सहयोग ले रही है। अगर सबकुछ सही रहा तो बड़े नटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
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पहले 20-45 हजार, परीक्षा पास होने केे बाद दो लाख का सौदा

सूत्रों के अनुसार परीक्षा देने वाले साॅल्वर ढाई लाख रुपये तक सौदा किए थे। परीक्षा से पहले किसी ने 20 तो किसी ने 45 हजार रुपये एडवांस के रूप में ले रखा था। परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद पूरी धनराशि देने की बात पर सौदा हुआ था। सभी एक-दूसरे के संपर्क में थे, यह बात भी सामने आई थी।

आधार में खेल कर घुसे केंद्र में

पकड़े गए आरोपियों और मुख्य अभ्यर्थी के आधार कार्ड में गड़बड़ी की गई थी। गड़बड़ी इस प्रकार की गई कि नाम और पता सेम, केवल फोटो अलग लगाकर फिर से प्रिंट किया गया। इससे यह हुआ कि गेट पर जल्दबाजी में हुई चेकिंग में पकड़े में नहीं आए। लेकिन जब बायोमेट्रिक प्रक्रिया में अंगूठा लगाया तो वह मैच नहीं कर सका। इस पर संदेह हुआ और दो दबोच लिए गए।

परीक्षा से दो दिन पहले दी जाती है जानकारी

पकड़े गए हर साॅल्वर का गैंग के किसी मुखिया से ना तो बात होती है और न ही उसका चेहरा देखते हैं। एक बिचौलिया कड़ी से कड़ी को जोड़ता है। कहां और कब परीक्षा देनी है दूरी के हिसाब से दो से तीन दिन पहले जानकारी दी जाती है। परीक्षा को लेकर सौदेबाजी नहीं होती है। जैसी परीक्षा उस हिसाब से रेट तय होता है। बिचौलिया साथ में जाता है। एडवांस वही देता है। इसके बाद कोई किसी को पहचानता नहीं है। ऐसी डिलिंग होती है। इसी वजह से गैंग के सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है।

यह लोग गए जेल

इटवा पुलिस ने माता प्रसाद जायसवाल इंटर काॅलेज इटवा से उदय प्रताप यादव पुत्र मुन्नी लाल यादव निवासी धनौती राय थाना सलेमपुर जनपद देवरिया अभ्यर्थी, अर्जुन कुमार यादव पुत्र जगबंधु यादव निवासी बटेरमारी थाना लौकहा जनपद मधुबनी राज्य बिहार साल्वर, अनवारूल पुत्र नुरुल हुदा निवासी बटेर मारी थाना लौकहा जनपद मधुबनी बिहार मीडिएटर। इसी प्रकार अल फारुख इंटर कॉलेज अमौना इटवा से राहुल दूबे पुत्र मनोज धर दुबे निवासी जम्हिरिया थाना शोहरतगढ़ अभ्यर्थी, और सिंटू पुत्र अनिल प्रसाद यादव निवासी मटियो शाहपुर थाना अत्रि जनपद गया राज्य बिहार साॅल्वर को गिरफ्तार किया। बांसी पुलिस ने सरदार पटेल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज प्रतापनगर बांसी से विकास कुमार पुत्र विजय प्रसाद निवासी पाई बिगहा थाना बेलागंज जिला गया बिहार साॅल्वर और रतनसेन इंटर कॉलेज बांसी से विक्की आनंद पुत्र राजेन्द्र कुमार निवासी गनेली पोस्ट गांधीडीह थाना हरपुर जिला मुंगेर बिहार साॅल्वर को गिरफ्तार किया।
सदर पुलिस ने बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज तेतरी बाजार अभिषेक रंजन पुत्र मनोज कुमार निवासी बिहटा चौक थाना बिहटा जनपद पटना बिहार साॅल्वर और अमरेश कुमार पुत्र ओमप्रकाश प्रसाद निवासी सजवार थाना खुखुंदू जनपद देवरिया मीडिएटर को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने और परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। पूछताछ करने के बाद सभी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस भर्ती परीक्षा में पकड़े गए सभी साॅल्वर, अभ्यर्थी व सहयोगियों के खिलाफ सुसंगत धारा में केस दर्ज किया गया था। उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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