डॉ. अयूब की रिहाई के लिए चलेगा हस्ताक्षर अभियान
डुमरियागंज। निजाम-ए-मुस्तफा के लिए डॉ. अयूब कटिबद्ध हैं। निजाम-ए-मुस्तफा इस्लामीकरण नहीं बल्कि रामराज्य के समान है। जिस तरह रामराज्य की कल्पना आपसी भाईचारे और प्रेम से की जाती है, निजाम-ए-मुस्तफा का भी यही पैगाम है। यह बातें पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अब्दुल मन्नान ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि निजाम-ए-मुस्तफा संविधान विरोधी नहीं है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलितों, लोहिया ने पिछड़ों और हेडगेवार ने हिंदू के लिए कार्य किया था। जबकि डॉ. अयूब सर्व समाज के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी को गोरखपुर में कोई भी हरा नहीं पाया था, लेकिन डॉ. अयूब ने निषाद पार्टी के साथ मिलकर उपचुनाव में उन्हें हराया है। डॉ. मन्नान ने कहा कि डॉ. अयूब की रिहाई तक कार्यकर्ता संघर्षरत रहेंगे। एक माह तक प्रदेश के सभी जिलों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसके बाद उसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव रियाज खान, अरबाब फारूकी, जिलाध्यक्ष हुसैन अहमद, रियाजुद्दीन, अब्दुर्रहमान आदि मौजूद रहे।