सिद्धार्थनगर। बढनी ब्लॉक के अहिरौला में बने नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुतहवा का भवन जर्जर हो गया है। निर्माण के 12 साल बाद ही इसकी हालत किसी भुतहे भवन जैसी हो गई है। अस्पताल की छत से प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। परिसर में चारों ओर घास उग आई है। भवन के घटिया निर्माण के लिए लोग ठेकेदार को कोसते हैं।
बढनी ब्लॉक क्षेत्र के अहिरौला गांव में लगभग 12 वर्ष पूर्व नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हुई। इसके पहले यह पीएचसी भुतहवा में एक किराए के घर में संचालित हो रहा था। अहिरौला में जमीन मिलने के बाद यहीं अस्पताल का निर्माण हुआ। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से अस्पताल का भवन बहुत ही खराब बनाया गया। अस्पताल में मरीजों व स्वास्थ्य कर्मियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए लगी पानी की टंकी से कभी पानी नहीं आया। अस्पताल के जिस भवन में ओपीडी चलती थी और जहां दवा वितरण होता था, वहां के छत की परत गिर रही है। जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मी उच्चाधिकारियों को सूचना देकर जर्जर भवन के कारण ओपीडी का संचालन और दवा वितरण का काम स्वास्थ्य कर्मियों के आवास में कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में चारों तरफ घास उग आई है। अहिरौला के पूर्व प्रधान अनिल पासवान, औदही कला के पूर्व प्रधान मयंक शुक्ल, अजय वरुण, रिजवान अहमद, सुरेन्द्र चौहान, अशोक पासवान आदि ने बताया कि इस अस्पताल से औदही कला, अहिरौला, मनिकौरा, चरिहवां, मोहनकोली, केवटलिया, जलापुरवा, सधुवानगर, मटियार, भुतहवा, भुतहिया, गोनहा, मानपुर, मदरहिया, झिंगहा, खैरहनिया, तुलसियापुर आदि गांवों के सैकड़ों मरीजों का इलाज होता है।
अगर अस्पताल की ओर से सही प्रकार से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें तो उन्हें झोलाछाप के पास नहीं जाना होगा। क्षेत्रीय लोगों ने सांसद, विधायक, डीएम व सीएमओ से अस्पताल के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने व अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने कहा कि मामला जानकारी में है। उच्चाधिकारियों को सूचित भी कर दिया गया है।