उसका बाजार। कस्बे में बुधवार की रात्रि श्याम परिवार मंडल की ओर से श्रीश्याम फाल्गुनी महोत्सव का आयोजन हुआ। महोत्सव की शुरुआत श्याम परिवार के अनूप छापड़िया एवं निर्मल छापड़िया द्वारा श्रीखाटू श्यामजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व मंत्रोच्चार के साथ हुआ।
इस दौरान नगर के स्थानीय कलाकारों और भक्तों ने श्याम बाबा के सुमधुर भजन कीर्तनों की मनमोहक प्रस्तुति कर आगंतुकों को कार्यक्रम के अंत तक बांधे रखा। इस दौरान निर्मल छापड़िया ने हारे का तू है सहारा सांवरे, हमने है तुमको पुकारा सांवरे। मीठे–मीठे भजन सुनाएंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे।
राम शंकर निगम ने मैं हू तेरा नौकर हाजरी रोज लगाता हूं, सांवरा होली खेलेंगे–खेलेंगे होली खेलेंगे। अनूप छापड़िया और निर्मल छापडिया की जोड़ी ने रो रही आंखे मेरी हंसता जमाना है। अग्रिमा छापड़िया ने श्याम तेरे ही भरोसे मेरा ही परिवार है। महंत लाल बहादुर दास ने हरे राम हरे राम हरे राम कहिए, जेहि विधि राखे राम तेहि विधि रहिए। गायक और आर्गन वादक मनोज कुमार ने देना हो दीजिए जनम जनम का साथ और रघुकुल सा घराना हो जैसे भक्ति गीतों पर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यहां देर रात्रि तक सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, पुरुषो और बच्चो ने श्री खाटू श्याम जी की भक्ति रस में गोते लगाते रहे। इस मौके पर व्यवसाई गोपाल दास, पूर्व चेयरमैन हेमंत जायसवाल, पवन तुलस्यान, सतीश तुलस्यान, विष्णु चोखानी, पार्थ सारथी पांडेय, रामेश्वर पांडेय, कन्हैया सोनी आदि मौजूद रहे।