शहर में पीजी कॉलेज नहीं, 20 किमी दूर पढ़ने जाते हैं विद्यार्थी
- बुद्ध विद्यापीठ महाविद्यालय में नहीं होती है स्नातकोत्तर की पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सन 1965 में शहर में स्थापित बुद्ध विद्यापीठ महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है, जबकि स्नातक में भी मात्र कला वर्ग की पढ़ाई होती है। इस महाविद्यालय में शिक्षण प्रशिक्षण का दायरा नहीं बनाए जाने के कारण जिला मुख्यालय के छात्र-छात्राओं को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु शहर से करीब 20 किमी दूर ग्रामीण क्षेत्र में है। शहर से यहां विद्यार्थी पढ़ने जाते हैं। इस मार्ग पर परिवहन सुविधाओं का अभाव है।
वहीं, ज्यादातर विद्यार्थी शासकीय सहायता प्राप्त शिवपति पीजी कॉलेज शोहरतगढ़ में पढ़ने जाते हैं, जो गड़ाकुल गांव में बना है। इस रूट पर ट्रेन की सुविधा है। इस कारण शहर के छात्र-छात्राओं का रूख शोहरतगढ़ अधिक रहता है। वहीं, जिले में रतनसेन पीजी कॉलेज बांसी भी शासकीय सहायता प्राप्त है। यहां भी कुछ विद्यार्थी स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने जाते हैं।
28 दिसंबर 1988 को जिला बना, लेकिन अब तक महाविद्यालय में पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं हासिल नहीं हो सकी है। विद्यार्थियों के अनुसार शहर से दूर जाकर पढ़ाई करने के अधिक समय बर्बाद होता है, जबकि परिवहन व्यय के कारण शैक्षणिक खर्च बढ़ जाता है।
कला वर्ग के नौ विषयों की पढ़ाई
बुद्ध विद्या पीठ महाविद्यालय में स्नातक कला वर्ग में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्री, भूगोल, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास एवं प्राचीन इतिहास विषय की पढ़ाई होती है। एक प्राचार्य एवं 14 शिक्षक हैं। यहां बीएससी और बीकाम की कक्षाएं भी नहीं संचालित होती हैं। पिछले सत्र में यहां छात्र-छात्राओं की संख्या 850 से अधिक रही है। महाविद्यालय में एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर्स रेंजर्स की इकाई संचालित हो रही है।
महाविद्यालय के उत्थान पर होगी चर्चा
प्राचार्य डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाविद्यालय में पुरातन छात्र सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। पुरातन छात्रों को आमंत्रित करके सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के उत्थान पर चर्चा की जाएगी।
महाविद्यालय में वर्तमान सत्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन पोर्टल पर औपचारिकताएं पूरी करने में देर हो गई। अगले सत्र से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ स्नातक वाणिज्य में प्रवेश शुरू किया जाएगा।
- अभय कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य