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Siddharthnagar News: फर्जी स्टांप की चर्चा, पुराने स्टांप की जांच करा रहे लोग

Thu, 18 Jan 2024 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जिले में फर्जी स्टांप का मामला कोई सामने नहीं आया है, लेकिन गोरखपुर में मामले सामने आने के बाद से जिले में खलबली मच गई है। लोग अधिवक्ता समेत वेंडर के पास स्टांप की जांच करने पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को शहर में रजिस्ट्री कार्यालय के पास लोग अपना पुराना स्टांप लेकर पहुंचे। जांच कराने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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स्टांप विक्रेताओं ने बताया कि फोन पर भी लोग जानकारी ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को शहर में उप निबंधक कार्यालय के पास वेंडर अपने जरूरी काम में लगे थे। दोपहर में सिविल लाइंस के सचींद्र त्रिपाठी पहुंचे। वे कार से स्टैंप निकाले। वेंडर से पूछे भैया इसकी जांच करो, कहीं गड़बड़ तो नहीं है। उन्होंने पंद्रह साल पहले जमीन का बैनामा कराया था। वेंडर में करीब तीन घंटे अपने पुराने प्रपत्रों को देखा और बताया कि प्रथम दृष्टया कोई गड़बड़ी नहीं है।
रोवापार की सुनीता ने बताया कि पुराना स्टांप था, इस वजह से डर लग रहा था की कहीं फर्जी न हो, लेकिन क्रम संख्या मिलने पर राहत मिली है। परिसर में ही दूसरे वेंडर के पास आर्यनगर के मुकेश पहुंचे। वह भी बहुत परेशान दिख रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में दो बीघा जमीन ली थी। मैनुअल स्टांप है, इस वजह से जांच कराने आया हूं। उन्होंने वेंडर से जांच करने के लिए कहा तो उसे कल आने के लिए कहां। उन्होंने कहा कि जब तक जांच नहीं हो जाएगी, मन में डर बना रहेगा। वेंडर को सभी पेपर दे दिया हूं। शुक्रवार को पता चलेगा। इसी तरह से शहर के रेहरा की अनीता देवी अपने पुत्र के साथ भी मिली। उन्होंने बताया कि मैंने अपने स्टांप की जांच कराई तो कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
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असली स्टांप पेपरों को रोशनी के सामने रखने पर अक्सर वॉटर मार्क दिखाई देते हैं। प्राधिकारी का नाम या अन्य पहचान चिह्न शामिल होते हैं। स्टांप पेपर के रंगीन हिस्से पर काली स्याही से छपा हुआ मिलेगा।
शशिकांत उपाध्याय, अधिवक्ता

यहां कोई फर्जी स्टांप नहीं मिला है। दो लोग जांच कराने आए थे तो उनके क्रम संख्या की जांच की गई। सब ठीक मिला। स्टैंप के पेपर व होलोग्राम ठीक थे। दो लोगों का पेपर रखा हुआ है। समय नहीं होने के कारण जांच नहीं हो सकी है।
-जगन्नाथ प्रसाद, स्टैंप वेंडर
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जिले में अभी इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया। अगर कोई स्टांप सत्यापन के लिए आएगा तो उसकी जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टया क्रम संख्या के मिलान से ही सत्यता की परख हो जाती है। हाल मार्क, पेपर की गुणवत्ता, क्रम संख्या आदि से पहचान की जाती है।
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-रमेंद्र कुमार मौर्य, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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