- लखनऊ में इलाज करवाने के लिए प्रतिदिन जाते हैं डेढ़ से दो हजार यात्री
-लखनऊ की यात्रा करने वालों में सबसे अधिक यात्री मरीज होते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रेलवे स्टेशन पर कार्य होने से यात्रियों का प्रवेश मार्ग बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों को कंकरीट के रास्ते से यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं स्टेशन का प्रतीक्षालय टूटने से यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने के लिए ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है।
बस्ती में बसों का रूट डायवर्जन होने से लखनऊ व कानपुर जाने वाले यात्री ट्रेन से यात्रा कर रहे है। इससे पहले की अपेक्षा यात्रियों की भीड़ स्टेशन पर बढ़ गई है, जबकि लखनऊ की यात्रा करने वालों में सबसे अधिक यात्री मरीज होते हैं, लेकिन लखनऊ जाने के लिए दो ट्रेन रात व सुबह जाती है। इससे जिले से प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार यात्री यात्रा करते हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि स्टेशन पर प्रतीक्षालय नहीं होने से यात्रियों को सर्द हवाओं में बैठ कर अपनी ट्रेन के आने का इंतजार करना पड़ता है।
स्टेशन परिसर में जगह नहीं होने से नगर पालिका का रैन बसेरा भी नहीं बन पाया। लखनऊ जाने वाली ट्रेन रात 12 बजे व सुबह के चार बजे जाती है, जिससे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्री को रात में ठंड से ठिठुरना पड़ता है। कभी-कभी ट्रेन आने में देरी होने से यात्रियों को ठंड में और भी दिक्कतें उठानी पड़ जाती हैं।
वर्जन
स्टेशन पर कार्य होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन परिसर में टिकट काउंटर के पास यात्रियों को बैठने की व्यवस्था की गई है।
-डीके उपाध्याय, स्टेशन मास्टर