डुमरियागंज। अपने बच्चे का कॅॅरियर अंतरिक्ष विज्ञान में बनाने का सपना देखने वाले अभिभावकों के लिए खुश खबरी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने युवा विज्ञानी कार्यक्रम (यूविका-2024) शुरू किया है। इसरो युविका-2024 के लिए पंजीकरण 20 फरवरी से शुरू हो गए है। इसमें पंजीकरण की आखिरी तारीख 20 मार्च है। चयनित छात्र-छात्राओं की पहली सूची 28 मार्च व दूसरी चार अप्रैल को जारी होगी। इसको लेकर बच्चों में जबरदस्त उत्साह है। वह अंतरिक्ष के बारे में जिज्ञासा को शांत करना और उसमें अपना कैरियर बनाना चाहते हैं।
इसरो युवा विज्ञानी कार्यक्रम के माध्यम से युवा छात्रों को स्पेस टेक्नोलॉजी, स्पेस साइंस और स्पेस अप्लीकेशन आदि के बारे में बेसिक जानकारियां दी जाती हैं। इससे छात्रों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित पर आधारित प्रयोग व कॅरिअर में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। चुने गए छात्रों को 13 से 24 मई तक यानी 12 दिनों के लिए इसरो के सात स्पेस सेंटर्स में ट्रेनिंग दी जाएगी व स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। फूडिंग, लॉजिंग, यात्रा भत्ता आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। नगर स्थित श्रीगुरुनानक एकेडमी के प्रबंधक परमजीत सिंह भाटिया ने बताया कि इसरो के इस कार्यक्रम से स्कूली बच्चों में विज्ञान तकनीकी, इंजीनियरिंग एवं गणित में प्रवीणता हासिल करने के लिए यह सुनहरा मौका है।
इसरो युविका के लिए योग्यता
डुमरियागंज। इसरो युविका के लिए उन विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है जो कि केंद्रीय बोर्डों या किसी भी राज्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालय में वर्ष 2023-24 के दौरान एक जनवरी 2024 को कक्षा नौ में पंजीकृत हो।
बोले विद्यार्थी
इसरो युविका में आवेदन करूंगी। जिससे उन्हें इसरो में जाकर अंतरिक्ष के बारे में गहनता से जानकारी प्राप्त कर सके।
कृष्णप्रिया, छात्रा
वे पढ़ लिखकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। इसरो युविका कार्यक्रम के तहत उन्हें इसके लिए बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।
शिवम यादव, छात्र
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) आधारित अनुसंधान के क्षेत्र में शामिल होने तथा इसमें अपना करियर आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
तरंग यादव, छात्र