चलती कार का दरवाजा खोला, टकरा कर सफाईकर्मी की मौत, दूसरा जख्मी
- कपिलवस्तु महोत्सव में ड्यूटी के लिए बाइक से आ रहे थे दो सफाई कर्मचारी
- जोगिया कोतवाली क्षेत्र के ककरही के पास हुआ हादसा
- घायल का जिला अस्पताल में चल रहा है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के बांसी-नौगढ़ मार्ग पर स्थित ककरही के पास शनिवार सुबह बाइक से कपिलवस्तु महोत्सव में ड्यूटी करने जा रहे सफाई कर्मी की सड़क हादसे में मौत हो गई। दूसरा सफाईकर्मी बुरी तरह घायल हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, अचानक एक चलती कार का दरवाजा खोलने से सफाईकर्मियों की बाइक उससे टकरा गई। घायल सफाईकर्मी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर, सहकर्मी की मौत की खबर मिलने के बाद अन्य कर्मचारी उग्र हो गए और मुआजवा दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर जिला अस्पताल गेट के सामने अशोक मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम, डीपीआरओ के आश्वासन पर कर्मी माने और 50 मिनट बाद जाम खुला।
बांसी कोतवाली क्षेत्र के सिकटा गांव निवासी अशोक चौधरी (50) सफाई कर्मचारी थे। मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के गौरा गांव में कार्यरत थे। मुख्यालय पर आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव में ड्यूटी लगी थी। शनिवार सुबह शिवनगर डिड़ई थाना क्षेत्र के बैरिहवा खुर्द गांव निवासी सफाई कर्मचारी लालजी वर्मा (46) को साथ लेकर मुख्यालय के लिए घर से बाइक से निकले थे।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के बांसी-नौगढ़ मार्ग पर स्थित ककरही के पास आगे चल रही कार के चालक ने दरवाजा अचानक खोल दिया, जिसमें बाइक टकरा गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो जाए। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान अशोक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में जोगिया के प्रभारी कोतवाल प्रशिक्षु सीओ गरर्वित सिंह ने बताया कि वाहन कब्जे में हैं। तहरीर के आधार पर चालक के खिलाफ सुसंगत धारा में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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50 मिनट जाम रहा अशोक मार्ग
सफाई कर्मचारी अशोक चौधरी की मौत की जानकारी मिलने के बाद सफाईकर्मी संगठन के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। इसके बाद जिला अस्पताल गेट के सामने अशोक मार्ग को जाम करके विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर डीपीआरओ को बुलाने और 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंच एसडीएम सदर डॉ. ललित कुमार मिश्र और सीओ सदर अखिलेश वर्मा समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद डीपीआरओ आर्दश मौके पर पहुंचे। उनकी बात को सुन और आपदा व सरकारी मद से जो भी सहायता होती है, उसे दिलाने के भरोसे के बाद कर्मी माने। धरना दोपहर के 1:45 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:35 बजे तक चला।