अल्ट्रासाउंड का एक ही केंद्र, होती है मरीजों की भीड़
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में एकमात्र अल्ट्रासाउंड केंद्र है। यहां जिले भर के मरीज अल्ट्रासाउंड कराने आते हैं। अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है। यही कारण है कि लोग निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 80 से 100 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है, जबकि निर्धारित संख्या से अधिक मरीज होने पर उन्हें अगले दिन बुलाया जाता है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट एवं सोनोग्राफी फेलोशिप करने वाले एक डॉक्टर हैं, जो अल्ट्रासाउंड करते हैं। मानक के अनुसार एक सोनोलॉजिस्ट को एक दिन में 35 सोनोग्राफी करनी चाहिए। एक अल्ट्रासाउंड में 10-15 मिनट समय देना चाहिए, लेकिन मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण डॉक्टर कम समय से ही उनकी रिपोर्ट तैयार करते हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि वे जिला अस्पताल में एक मरीज का अल्ट्रासाउंड कराने गए थे। भीड़ अधिक थी, इसलिए निजी अस्पताल में चले गए। निजी अस्पताल में जांच कराने में 550 रुपये शुल्क जमा करना पड़ा। गोरखपुर की सुकाली देवी ने बताया कि ढाई घंटे इंतजार के बाद जिला अस्पताल में उनका अल्ट्रासाउंड हो सका।
जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रभारी डॉ. एके झा ने कहा कि मरीजों की संख्या अधिक हो जाती है, लेकिन डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि जितनी जांच करें, उसमें पर्याप्त समय लगाए ताकि रिपोर्ट बेहतर आए।
खेसरहा और मिठवल में शुरू होगा केंद्र
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले की दो सीएचसी एवं एक पीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू करने की योजना है। तीन अल्ट्रासाउंड मशीनें आ गई हैं और रेडियोलॉजिस्ट भी हैं। एक सप्ताह में खेसरहा और मिठवल सीएचसी में मशीन इंस्टाल हो जाएगी, जबकि अगले चरण में बांसी पीएचसी में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू की जाएगी। कस्बों में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू होगी तो जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम हो जाएगी।