सिद्धार्थनगर। शहर के पुराने नौगढ़ के तीन वार्डों के हिस्से में आज भी सिर्फ दुश्वारियां ही है। कहने को तो यह नगर पालिका का हिस्सा है, लेकिन जमुआर उस पार की यह आबादी शहरी विकास की रफ्तार में पीछे छूट रही है। यहां के 30 हजार लोगों का विकास का सपना अभी भी अधूरा है। यहां नालियों के बीच से गुजरने वाले वाटर सप्लाई पाइप से घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। साथ ही सड़क व गलियों में नालियों का गंदा पानी बजबजाता नजर आता है।
पुराने नौगढ़ के भगतसिंह नगर, सुभाष नगर व सरयू नगर वार्ड में स्थित सात मोहल्लों के लोगों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां के आठ हजार से अधिक घर में 20 वर्ष पूर्व बनी सिर्फ एक टंकी से सप्लाई होती है। जिसका पाइप यहां की सकरी सड़क एवं गलियों में जगह न होने के कारण नालियों के बीच से गुजरा है। नतीजा यह है कि अगर पाइप लीकेज होता है तो गंदा पानी लोगों के घर में पहुंच रहा है। शुद्ध पानी के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोग इस गंदे पानी का उपयोग करने को भी मजबूर रहते हैं।
भगत सिंह नगर वार्ड निवासी सफीक कहते है कि सप्लाई पाइप के जरिए घर में आ रहा गंदा पानी बहुत बदबू करता है। इस पानी से स्नान और शौच करना मुश्किल होता ही है बर्तन व कपड़े धुलने में भी दिक्कत होती है। बार-बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका की तरफ से इसकी व्यवस्था नहीं की जा रही है।
विकास में पिछड़ रहा पुराना नौगढ़
एक तरफ जहां शहर के दूसरे हिस्से में तेजी से दुकानों, माल और नए अस्पताल समेत अन्य निर्माण हो रहे है, वहीं पुराना नौगढ़ का दायरा बढ़ता नहीं दिख रहा। नगर पालिका के इस हिस्से में न तो नई दुकानें खुल रही है और न ही माल अथवा नए अस्पताल बन रहे है। यहां पर सिर्फ सड़क किनारे ही खुली पुरानी दुकानें ही अभी चल रही है। जिससे शहर का यह हिस्सा विकास से अछूता नजर आ रहा है। यहां के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं के लिए नए शहर पर निर्भर नजर आते है।
पहले था केंद्र, अब ठप हुआ व्यापार
जमुआर नाला किनारे बसा पुराना नौगढ़ पांच दशक पूर्व व्यावसायिक केंद्र रहता था। यहां के व्यवसायी नाव के सहारे दूर-दराज तक खाद्यान्न एवं अन्य वस्तुओं का व्यापार करते थे। अंग्रेज हुकूमत में यहां से सड़क मार्ग से भी व्यापार करने के लिए जमुआर नाले पर पुल का निर्माण कराया गया था। अब जमुआर नाले से अलग होने के कारण नए शहर की तरह यहां विकास होता नहीं दिख रहा है। यहां तक यहां के पुराने व्यापारी भी नई जगह तलाश लिए है, जिससे यहां व्यापारिक गतिविधि ठप हो चुकी है।
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सिकुड़ता जा रहा पुराना शहर
पहले पुरानी नौगढ़ में नगर पालिका क्षेत्र के सात वार्ड हमीद नगर, जवाहरनगर, पश्चिम गोला, रामप्रसाद नगर, सरयूनगर, रमजान नगर व सुभाषनगर हुआ करते थे। अब नगर पालिका के विस्तार के बाद वार्ड क्षेत्र बड़ा होने पर पुरानी नौगढ़ यह हिस्सा मात्र तीन वार्डों में सिमट गया है। शहर के इस हिस्से के दोनों तरफ जमुआर नाले की नीची भूमि होने से नए मकान अथवा दुकान का निर्माण नहीं होने से इसका विस्तार होता नहीं दिख रहा है।
गलियों व सड़क पर पसरा रहता है गंदा पानी
पुराने नौगढ़ में सड़क व गलियों में बनी सकरी नालियों से लोगों के घर के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती है। जिस कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर पसरा रहता है। यहां के निवासी राकेश कहते है कि सुबह और शाम को जब लोग स्नान, शौच, कपड़े व बर्तन धुलने का कार्य करते है तो नालियां में गंदा पानी उफना जाता है। जिससे वह सड़क और गलियों में पसरा रहता है। इससे सड़क पर बजबजा रहे गंदे पानी के कीड़े घर में भी पहुंच जाते है। जिस कारण घर में भी रहना मुश्किल होता है।
प्लान बनाकर होना चाहिए विकास
पुरानी नौगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं है, इसलिए नगर पालिका एवं अन्य विभागों को प्लान बनाकर यहां का विकास कराना चाहिए।
विकास, भगतसिंह नगर
अतीत बहुत शानदार रहा, यहां से दूर-दराज तक व्यापार होता था, यहां सुविधा मिलेगी तो शहर का यह हिस्सा भी विकास की दौड़ में शामिल हो जाएगा।
नुरूद्दीन, भगतसिंह नगर
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पुराने नौगढ़ के हिस्से में विकास कार्य कराने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें शुद्ध पानी के लिए नए ओवरहेड टैंक की स्थापना, पाइप लाइन दुरुस्त करने के साथ सड़क एवं नालियों का निर्माण भी शामिल है। जिस पर जल्द ही कार्य शुरू होगा।
-गोविंद माधव, अध्यक्ष नगर पालिका