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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में एक ही लाइन, फॉल्ट हुआ तो काम नहीं आता जनरेटर

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- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एक ही केबल से बिजली और जेनरेटर की सप्लाई
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- बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद बंद हो जाता है कंप्यूटर, हाथ से कटती है पर्ची

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बिजली आपूर्ति के लिए जेनरेटर और बिजली का केबल एक ही है। जिसके सहारे अस्पताल की बिजली व्यवस्था चलती है। थोड़ी सी तकनीकी समस्या आते ही सारी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। यहां तक पर्ची कंप्यूटर के बजाए हाथ से काटने की नौबत आ जाती है। अभी एक सप्ताह पहले ही समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन केबल अलग-अलग नहीं किया गया है। बारिश में बड़ी समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।

जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज में तब्दील हो चुका है। इसके बाद यहां मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हो गया है। पहले जहां प्रतिदिन ओपीडी मेें 500-800 मरीज पहुंचते थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 1500 तक पहुंच जाती है। व्यवस्थाओं में बदलाव तो किया जा रहा है, लेकिन कई चीजों में अभी बदलाव नहीं किया गया है जो जिला अस्पताल के समय से चली आ रही है। इनमें बिजली आपूर्ति प्रमुख समस्या है। बिजली की आपूर्ति के लिए लगाया गया जेनरेटर लोड की तुलना में कम क्षमता का है।
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इसके साथ ही बिजली और जेनरेटर दोनों की आपूर्ति एक ही केबल से की जाती है। ऐसे में हर माह ऐसी समस्या होती है कि केबल में तकनीकी खराबी से कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहती है। पिछले सप्ताह भी ऐसा हुआ था। सुबह सवा सात बजे केबल में फॉल्ट आने के बाद दोपहर सवा एक बजे तक बिजली आपूर्ति ठप थी। इससे ओपीडी में चिकित्सकों के दिखाने के अलावा न तो मरीज ब्लड की जांच करवा पाए और न ही अन्य जांच हो पाई। वहीं, पर्ची हाथ से काटकर देनी पड़ी। ऐसी समस्या अक्सर आती है। बारिश में समस्या और बढ़ने की आशंका है।
फिलहाल व्यवस्था सही चल रही है। मामला संज्ञान में है। उसकी व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. एके झा, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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