राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, कूड़ा व घोघी के उफान से मची तबाही
कई सड़कों पर जलभराव से सांसत, तबाही के भय से सहमे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर।
बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर है, जिससे नदी के किनारे बने बंधों के दबाव के कारण टूटने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं राप्ती नदी भी खतरे के निशान से मात्र 22 सेमी दूर रह गई है। कूड़ा नदी भी उफान पर है। बृहस्पतिवार रात नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ने के कारण पानी का दबाव बढ़ने से सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बांधों की रखवाली में जुट गए हैं।
लगातार पांच दिन से बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है, लेकिन रात में तेजी से बढ़े पानी के कारण आसपास के गांव के लोग बेचैन हो गए है। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को 86.97 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 87.60 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 85.650 मीटर से 1.95 मीटर अधिक है। इससे बूढ़ी राप्ती नदी के दाएं किनारे पर बने मदरहवा अशोगवा नगवा बांध, ककरही गोनहा, फत्तेपुर खजुरडाड़ अजगरा बांध और बाएं किनारे पर बने उसका लखनापार बैदौला बांध के संवेदनशील स्थलों पर खतरा मंडराने लगा है। जिन जगहों पर बांध के किनारे नीची भूमि है, वहां पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सिंचाई विभाग ने बोरियां भराकर रखनी शुरू कर दी हैं। साथ ही रात और दिन निगरानी कर रहे हैं।
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा व कूड़ा नदी में आए उफान से जिले के शोहरतगढ़, डुमरियागंज, इटवा तहसील और उसका क्षेत्र के कई गांव के रास्ते पर बृहस्पतिवार को भी पानी चढ़ रहा। कई गांवों के सिवान बाढ़ के पानी से डूबे हुए हैं। लोग प्रशासन की तरफ से मिली नाव अथवा पानी के बीच बाइक, साइकिल व पैदल ही आवागमन करते देखे जा रहे हैं।
बाढ़ से घिरे गांव, कटान हुई तेज
तुलसियापुर। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ के पानी के कारण कई मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है। नदी कटान भी तेजी से कर रही है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, बसहिया, औदही कलां,चंदवा गांवों के कई टोले बूढ़ी राप्ती, घोरही, बानगंगा, सोतवा, सुरहिया आदि नदियों व नालों के बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। सरयू नहर कटने से औदही खुर्द, बसंतपुर ,खरिकौरा के खेतों में भी बाढ़ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इसी प्रकार सोतवा नाले में पानी भरने से चंदवा व सिसवा बुजुर्ग में रोपाई की हुई धान की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है।
रास्ते पर चढ़ा पानी
तुलसियापुर। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से बढ़नी ब्लॉक के कई गांवों की सड़क पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण कई गांवों का संपर्क क्षेत्र से टूट गया है। बाढ़ का पानी आ जाने से नकोलडीह, पन्नापुर,चिरहगना, खैरी, तमकुहवा, बाला नगर, कचरिहवा, प्रतापपुर व तौलिहवा टोलों में जाने वाले मार्गों पर बाढ़ का पानी आ गया है। इसके अतिरिक्त तुलसियापुर-कठेला मार्ग व झुंगहवा-झुलनीपुर मार्ग पर बूढ़ी राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। इसके अलावा तालकुंडा ग्राम के गोनहा टोले में जाने वाली सड़क बाढ़ के पानी के बहाव की चपेट में आकर बृहस्पतिवार की सुबह कट गई है। पुलिया के पास सड़क बहने से ग्रामीणों को हादसे का डर सता रहा है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर बुधवार बृहस्पतिवार
राप्ती 84.900 84.62 84.68
बूढ़ी राप्ती 85.650 86.97 87.60
कूड़ा 83.520 83.00 83.11
घोघी 87.00 84.35 85.35
बानगंगा 93.420 92.20 91.30