सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन का कोई विकल्प नहीं। यह कर्मचारियों व शिक्षकों के अस्तित्व से जुड़ा मामला है। जब कर्मचारी शिक्षक सेवानिवृत्त के बाद असहाय अवस्था में होता है तो सरकार से मिलने वाली सहायता पेंशन से भी उसे वंचित कर सरकार कर्मचारियों के मूलभूत अधिकारों से वंचितों कर रही है। ये बातें कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने जिला अस्पताल स्थिति गांधी प्रतिमा पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में कहीं।
संयोजक शिवाकांत पांडेय ने कहा कि जब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकार से सहायता की आवश्यकता है तब सरकार उनको पेंशन से वंचित करके कर्मचारी हित पर कुठाराघात कर रही है। इन मांगों के पूरा होने तक कर्मचारी व शिक्षक आंदोलन करते रहेंगे।
धरना-प्रदर्शन के बाद तहसीलदार नौगढ़ रामऋषि रमन को सौंपे ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाली समेत राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन किये जाने की मांग की गई। साथ ही सरकारी संस्थानों में निजीकरण बंद किए जाने, आउटसोर्सिंग, संविदा, वर्कचार्ज केंद्र व राज्य की ओर से वित्त पोषित परियोजनाओं में कार्यरत कर्मियों का विनियमितिकरण नीति बनाए जाने, रिक्त पदों को भरने जाने समेत 12 बिंदुओं के निदान की मांग प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से की गई है।
इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष वाई द्विवेदी, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार जायसवाल, जिलाध्यक्ष अटेवा बृजेश द्विवेदी, डीपीए अध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव, मंत्री डॉ. गोविंद ओझा, रोडवेज कर्मचारी अध्यक्ष दिनेश चंद्र मिश्रा, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, जिलामंत्री शम्भू प्रसाद, चंद्रभान पहलवान, कैलाश मणि त्रिपाठी, विजय प्रताप चौबे, स्नेहा यादव, उर्मिला गौतम मौजूद रहे।