शोहरतगढ़/ बांसी। शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ व रतनसेन इंटर कॉलेज व तिलक इंटर कॉलेज बांसी में यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे करीब 500 शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों को लेकर शिक्षक के साथ गए सिपाही ने मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या करने के मामले में नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन बहिष्कार कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन घोर निंदा की। और संघ के जिलाध्यक्ष रामविलास यादव व संघ के शिक्षकों ने शिक्षक को श्रद्धांजलि दी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, संतोष कुमार, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जितेंद्र मौर्य और कृष्ण प्रताप के साथ वाहन से यूपी बोर्ड की कॉपियां प्रदेश के विभिन्न जिलों में जमा कराने के लिए वाराणसी से 14 मार्च को निकले थे। उनके साथ उपनिरीक्षक नागेंद्र चौहान व मुख्य आरक्षी चंद्रप्रकाश को भेजा गया था। रास्ते में प्रयागराज, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिजनौर में कॉपियां जमा कराते हुए 17 मार्च की रात मुजफ्फरनगर पहुंचे थे।
मुख्य आरक्षी बार-बार तंबाकू मांग रहा था और किसी को आराम नहीं करने दे रहा था। इस पर धर्मेंद्र कुमार ने आपत्ति की तो उसने नशे में धुत सिपाही ने कार्बाइन की पूरी मैगजीन शिक्षक पर खाली कर दी। उन्हें कई गोलियां लगीं थी। शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसने दम तोड़ दिया था।
संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में इस तरह के सनकी पुलिस पर कठोर कार्रवाई हो और मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिजन को एक करोड़ रुपए का मुवावजा और उनके परिजन उनके कार्यकाल का पूरा वेतन व परिवार नौकरी की सरकार से मांग करते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि जबतक मांगे नही पूरी होंगी तबतक उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा।
इस दौरान अंजनी कुमार श्रीवास्तव, शंभू नाथ गुप्ता, अवधेश, पंकज यादव, सुनील चौरसिया, अर्चना सिंह, सतेंद्र शुक्ल, बाबू गुप्ता, बृजेश पटेल आदि मौजूद रहे।
इसी प्रकार बांसी में सोमवार को मूल्यांकन केंद्र तिलक इंटर कॉलेज बांसी पर शोकसभा कर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री डॉ. हृदय नारायण मिश्र,, हरेंद्र बहादुर सिंह, राम निवास कुशवाहा, योगेंद्र सिंह, संतोष कुमार दुबे, गोपेश्वर प्रसाद चौबे, बाल गोविंद मौर्य आदि मौजूद रहे।