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Siddharthnagar News: अब कम मात्रा में तौल किए तो नहीं निकलेगी पर्ची

Fri, 23 Feb 2024 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। सरकारी खाद्यान पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें पूरा राशन मिल सकेगा। क्योंकि राशन में होने वाली घटतौली पर शासन ने बड़ा बदलाव कर दिया है। अब तौल मशीन से एक और मशीन जोड़ी जा रही है। इसमें तभी पर्ची निकलेगी जब मशीन यह बता देगी की तय मानक के हिसाब से राशन की तौल हुई है। अगर 10 ग्राम भी कम हुआ तो मशीन से पर्ची नहीं निकलेगी और राशन खारिज नहीं होगा। यह व्यवस्था मार्च माह से लागू हो जाएगी। मशीन लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इससे घटतौली का शिकार होने वाले जिले के लगभग साढ़े चार लाख पात्रगृहस्थी और अन्त्योदय कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा।
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सरकारी राशन की दुकान पर पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय कार्ड धारकों को तय मात्रा में चावल और गेहूं देता है। इसमें पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन दिया जाता है। इसमें गेहूं और चावल दोनों है। वहीं, अन्त्योदय कार्ड धारकों को राशन के साथ ही समय-समय पर चीनी भी मिलता है। कोर्ट की दुकानों पर घटतौली की शिकायत लगातार होती है। कालाबाजारी करने का भी आरोप लगता है।
विभागीय जांच में घटतौली का मामला भी पकड़ा जाता है। इस घटतौली पर विराम लगाने और उपभोक्ताओं को शतप्रतिशत उनका हिस्सा मिल सके। इसके लिए शासन ने तौल व्यवस्था को ही बदल दिया है। डिजिटल कांटे में एक और मशीन लगा दी गई है। जिसमें अंगूठा लगाने के साथ ही राशन रखना होगा। जब पूरा राशन दिखेगा, तभी मशीन से पर्ची निकलेगी। अगर कम तौल हुआ तो संबंधित उपभोक्ता का राशन सरकारी रिकार्ड में खारिज नहीं होगा। ऐसे में कोटेदार भी नहीं डकार सकेंगे। इस विधि का उपयोग करने से पारर्दिशता आने के साथ ही उपभोक्ताओं का उनका हक मिल सकेगा। नई मशीन से वितरण व्यवस्था मार्च माह से शुरू हो जाएगी।
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शील कर दी जा रही है मशीन, नहीं कर पाएंगे छेड़छाड़
मशीन को लगाने और उसे चलाने की विधि की जानकारी देने की जिम्मेदारी बाटा माप विभाग को दी गई है। जो मशीन के इंस्टाल करने और सील करने के साथ ही कोटेदारों को प्रशिक्षण दे रहे हैं कि मशीन का संचालन कैसे किया जाएगा। मशीन को सील कर दे रहे हैं। जिससे गड़बड़ी न कर सकें।

पहले और अब

मशीन पहले अलग होती थी। उपभोक्ता ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगा देता था। पर्ची निकल जाती थी। राशन कैसे तौलकर करके दे यह उस पर निर्भर होता है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अंगूठा लगाने वाली मशीन से ही तौल करने वाली मशीन को कनेक्ट किया गया है। इसमें उपभोक्ता के कार्ड नंबर से तौल मशीन लिंक किया गया है। कार्ड नंबर डालते ही यूनिट और किलो ग्राम निर्धारित हो जाएगा। इसके बाद राशन तौल के लिए मशीन पर रखेंगे। जब मशीन पर पूरी मात्रा में तौल होगा, तभी राशन की पर्ची निकलेगा और सरकारी रिकार्ड में राशन तौल होना बताएगा। अगर कम तौल करते हैं तो पर्ची नहीं निकलेगी।

इतनी मशीन हो चुकी है इंस्टाल

आकड़ों के मुताबिक जिले में १३३४ कोटे की दुकान है। इसमें डुमरियागंज, शोहरतगढ़ और नौगढ़ तहसील क्षेत्र की शत-प्रतिशत ७७१ मशीन इंस्टाल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इटवा और बांसी तहसील क्षेत्र की मशीनों को इंस्टाल किया जा रहा है। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों जगह की कोटे की दुकानें शामिल हैं।

जिले में हैं इतने राशन कार्ड धारक

पूर्ति विभाग के आकड़ों के मुताबिक जिले में ८२५१० अन्त्योदय कार्ड धारक हैं। जबकि ३.५० लाख से अधिक पात्रगृहस्थी कार्ड धारक हैं। कुल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग १९ लाख हैं।

कोटे की दुकानों नई तकनीक की तौल मशीन लगाई जा रही है। इससे तौल शत-प्रतिशत सही होगा। तीन तहसीलों में मशीन लगाने और कोटेदारों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा हो चुका है। दो तहसीलों में काम चल रहा है।
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दिलीप सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक बाट माप विभाग सिद्धार्थनगर
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