अब बीट सिपाही को लोग दे सकेंगे अपराध की सूचना
जिले के 15 थानों की बीट आरक्षी का सीयूजी नंबर जारी
मादक पदार्थ, पशु तस्करी सहित अन्य अपराध पर विराम लगाने की पहल
पुलिस के कमजोर होते मुखबिर तंत्र को देखते हुए सीधे जनता से सहयोग लेने की कवायद शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कमजोर होते मुखबिर तंत्र को देखते हुए पुलिस ने अपराध रोकने का नया फार्मूला चुना है। 15 थानों के 49 बीट ऐसे चुने गए हैं, जहां अपराध होने की आशंका अधिक रहती है। जिससे जनता सीधे थानाध्यक्ष व बीट सिपाही को जानकारी दे सके। इसके लिए 49 बीट आरक्षियों का सीयूजी नंबर जारी किया गया है। जिस कोई भी आम नागरिक किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी दे सकेगा। पुलिस सूचना देने वाला का नाम और पता गोपनीय रखेगी।
जनपद नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां पर कई प्रकार के अपराध होते हैं। इसमें मादक पदार्थ जैसे गांजा, चरस, अफीम, शराब की तस्करी, इसके अलावा पशु तस्करी और अन्य घटनाए होती हैं। इस इन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। इसकी शिकायतें बढ़ रही हैं। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए अपराध के पर्दाफाश और अपराधी को पकड़ने की कार्यशैली अपना ली है। तस्करी के मामलों में पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
एसपी ने सीधे जनता से जुड़कर कार्य करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए 15 थानों के 49 स्थानों को चिन्ह्ति किया गया है। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो उन्हीं स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां रोड से सटा हुआ है और तस्करी की आशंका है। बीट के सभी पुलिस कर्मियों का सीयूजी नंबर जारी करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि तस्करी को रोकने के लिए बीट सिपाही को नंबर जारी किया गया है, जिससे कोई भी नागरिक जानकारी दे सके और पुलिस कार्रवाई करके अपराध पर लगाम लगाए।
इन थानों में इतने बीट का नंबर जारी
सदर थाना में एसओ सहित छह, उसका में सात, मोहाना में सात, कपिलवस्तु में छह, लोटन कोतवाली में पांच, बांसी कोतवाली में छह, जोगिया कोतवाली में पांच, खेसरहा में छह, मिश्रौलिया, चिन्हिया, डुमरियागंज में दो-दो, शोहरतगढ़ में तीन, त्रिलोकपुर में तीन, इटवा में तीन और ढेबरुआ में पुलिस चौकी बढ़नी का नंबर जारी किया गया है। 49 सिपाही और 15 थानाध्यक्ष से सीधे संपर्क साध सकेंगे।