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Siddharthnagar News: अब यहां की सड़कों पर भी रफ्तार भरेंगे सीएनजी वाहन

Fri, 30 Aug 2024 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- जिले में सीएनजी पंप लगने से वाहन स्वामियों को मिलेगी सहूलियत

- सीएनजी की सुविधा न होने के कारण लोग नहीं लेते थे वाहन
- बदलाव शुरू, जिले में लग गए पांच सीएनजी पंप, तीन शुरू और दो की कवायद जारी

- सीएनजी के वाहन चलने से मिलेगी प्रदूषण से निजात, कम होगा धुंआ और स्वच्छ होगी हवा
संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। अब जिले की सड़कों पेट्रोल और डीजल की तरह सीएनजी वाले वाहन भी रफ्तार भर सकेंगे। क्योंकि महानगरों की तर्ज पर यहां भी पेट्रोल पंप पर सीएनजी पंप तेजी से खुल रहे हैं। वाहनों के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां तीन हजार से अधिक सीएनजी वाहन चलने लगे हैं। सीएनजी के वाहनों पर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। ऐसे में अगर सीएनजी वाहन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको परेशान होनी की जरूरत नहीं है।
मुख्यालय के साथ ही बांसी और इटवा में कुल पांच सीएनजी पंप लग गए हैं। इसमें तीन हाल ही में शुरू हो गए। जबकि दो जल्द ही शुरू हो सकते हैं। वाहन मैकेनिक की माने तो माइलेज के लिहाज से सीएनजी अच्छा है। इसलिए लोगों का रुझान इस पर बढ़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी के चलन में आने से प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। जिससे लोगों को फेफड़े से जुड़ी कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलेगी। वहीं, लोगों का कहना है कि जनपद स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहा है। विकास की गति रफ्तार भरने लगी है।
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महानगरों की तरह से जिले में सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब सुविधाओं के साथ जनपद विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यहां भी गोरखपुर की तरह से सुविधाएं बढ़नी शुरू हो गई हैं। जनपद में अब सीएनजी वाहन दौड़ने लगे हैं। पेट्रोल और डीजल की तरह से लोगों का रुझान सीएनजी पर बढ़ रहा है। क्योंकि जनपद में सीएनजी पंप लगने लगा है। पांच पंप लगे हैं। इसमें दो जनपद मुख्यालय पर है। जबकि, तीन इटवा और बांसी में हैं। इसमें मुख्यालय पर एक, बांसी और इटवा में एक-एक पंप शुरू हो गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में लगभग तीन हजार वाहन सीएनजी से चल रहे हैं। जो कुछ ही माह में खरीद कर आए हैं और लांग रूट जैसे गोरखपुर,लखनऊ और दिल्ली तक चलते हैं। यहां पर सीएनजी पंप लग जाने से उन्हें सहूलियत मिलेगी। साथ ही सीएनजी पंप नहीं होने वाहन नहीं खरीदने वाले अब वाहन खरीद सकेंगे। क्योंकि जिले के सभी तहसील मुख्यालय में एजेंसी हो गई है।
प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह सड़कों पर वाहनों की बढ़ती तादाद है। डीजल और पेट्र्र्र्र्रोल से चलने वाले वाहन धुआं है, जिससे हवा की सेहत बिगड़ रही है। जो इंसान की सेहत को बिगाड़ रही है। प्रदूषण में कमी लाने के लिए बड़े शहरों में सीएनजी की सुविधा कर दी गई। अधिकांश वाहन सीनएजी से चल रहे हैं। जिससे धुआं नहीं होता है और हवा की गुणवत्ता कम खराब होती है। बड़े शहरों में जैसे लखनऊ दिल्ली और गोरखपुर में सीएनसी का उपयोग तेजी से हो रहा है।
बड़े शहरों की तर्ज पर सिद्धार्थनगर भी बदल रहा है। और जल्द ही यहां भी शहर में प्रदूषण का दबाव कम होगा। क्योंकि सीएनजी वाले वाहनों की संख्या यहां भी बढ़ रही है। वह इसलिए कि अब यहां भी सीएनजी के पंप लग गए हैं। जहां आसानी से गैस भरवाया जा सकता है। जिले में पंप लग चुके हैं। इसमें तीन हाल ही में शुरू भी हो गए हैं। एक शहर में चालू हुआ है और एक शहर के दूसरे छोर बर्डपुर मार्ग पर है, जो जल्द शुरू होने वाला है। जबकि, इटवा और बांसी नगर में दो शुरू हो गए हैं। ऐसे में जहां जनपद का विकास की ओर बढ़ रहा है। वहीं, आने वाले दिनों में प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे काफी राहत मिलेगा।
इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सीएनजी के पंप लग रहे हैं। पांच लग चुके हैं, इसमें तीन शुरू हो गए हैं, दो जल्द ही चालू होंगे। इससे वाहन स्वामियों को काफी लाभ मिलेगा।
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तीन हजार से अधिक हैं सीएनजी वाहन
एक आंकड़े के मुताबिक जनपद में गैर प्रांत और कुछ प्रदेश के अन्य हिस्सों में पिछले कुछ तकरीबन तीन हजार वाहन आए हैं, जबकि एक साल पहले तक एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड में सीएनजी वाहन नहीं थे। इसमें कुछ लोग नियमित लांग रूट पर चलने वाले हैं। जबकि कुछ ऐसे हैं, जो कभी कभार निकलने वाले हैं। यहां पर सीएनजी पंप हो जाने तो तादाद तेजी से बढ़ेगी। क्योंकि अभी तक लांग रूट जो नियमित गोरखपुर, लखनऊ चलने वाले होते थे। लेकिन अब यहां सीएनजी पंप हो जाने से लोग भरा सकेंगे तो खरीद भी करेंगे। इसके साथ ही पुराने वाहनों को सीएनजी करवा सकेंगे।

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एक पंप लगाने में आ रही इतनी लागत



पंप मालिक के मुताबिक एक पंप लगाने में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जिसका पूरा कार्य कंपनी की ओर से की जाती है। पंप लगाने के साथ ही आपूर्ति करने कार्य भी करेंगे। इससे पंप मालिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। सेम पूरी प्रक्रिया पेट्रोल पंप वाली रहेगी।

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बोले मैकेनिक इससे है फायदे

पेट्रोल और डीजल वाहन की तुलता काफी किफायती है। इसमें माइलेज में अंतर और वाहन उतनी खराबी नहीं होती है। एक लीटर पेट्रोल में जहां 15-18 किलोमीटर माइलेज देता। वहीं सीएनजी एक लीटर में 25-30 किलोमीटर लाइलेज होता है।

महेंद्र, कार मैकेनिक
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वाहन स्वामियों के लिए अच्छी खबर
अगर आप सीएनसी वाहन लेने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए राहत वाली खबर है। क्योंकि अब जनपद की सड़कों पर बिना धुंआ वाले सीएनजी वाहन रफ्तार भरेंगे। इससे न सिर्फ प्रदूषण से निजात मिलेगा। बल्कि आने वाले दिनों में डीजल और पेट्रोल की निर्भरता कम होगी। क्योंकि बड़े शहरों की तर्ज पर जिले में सीएनजी पंप लग रहे हैं। जिले में पांच पंप लग गए हैं। इसमें तीन हाल ही में शुरू हो गए, जबकि दो का चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। इसके बाद इनका संचालन शुरू हो जाएगा।
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बोले विशेषज्ञ

पर्यावरण व्यक्ति के स्वास्थ्य से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। अच्छा या प्रदूषण रहित पर्यावरण ना केवल नेचर और धरती के लिए बल्कि यहां रहने वाले सभी जानवरों और इंसानों के लिए भी बेहद ज़रूरी है। प्रदूषण के ढेरों टाइप्स में सबसे ऊपर नाम आता है, एयर पॉल्यूशन का जो व्यक्ति को बुरी तरह से बीमार करने की ताकत रखता है। इसमें धुएं से सबसे बुरा असर फेफड़ों पर पड़ता है, इसके अलावा आंखें, स्किन और दूसरे बॉडी पार्ट्स भी एयर पॉल्यूशन के बुरे प्रभाव से जूझते हैं। सभी में सांस से जुड़ी परेशानियां जैसे अस्थमा, निमोनिया, लंग इरिटेशन और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) होने का खतरा रहता है। यह नियमित वाहनों से निकलने वाले धुएं से होता है। इसलिए स्वच्छ हवा बेहद जरूरी है।
डॉ. एसके राव, फिजिशियन
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