सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ कस्बे के राम जानकी मंदिर के सामने संचालित कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल व पेट्रोल पंप के बगल संचालित जनहित हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर क्लीनिक को सीएचसी अधीक्षक ने नोटिस देकर अस्पताल को बंद करने का निर्देश दे दिया है। अधीक्षक ने अस्पताल के संचालक को फर्जीवाड़े में अस्पताल संचालित करने के मामले 10 बिंदुओं पर नोटिस थमाया है। अधीक्षक ने संचालक को चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल बंद कर लिखित सूचना के साथ अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराएं नहीं तो विधिक कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया जाएगा।
शोहरतगढ़ कस्बे में संचालित रामजानकी मंदिर के सामने संचालित कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल और पेट्रोल पंप के बगल सामने संचालित जनहित हॉस्पिटल पर पांच जुलाई को शोहरतगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरजी सिंह टीम के साथ जांच की थी। टीम ने कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल के कुछ स्टाफ से पंजीकरण के कागजात की मांग की थी। लेकिन कर्मचारी कोई कागजात नहीं दिखा पाए थे। टीम ने कर्मचारियों को कागजात के साथ कार्यालय प्रस्तुत होने के लिए निदेश दिए थे। इसके बाद टीम ने दूसरे हॉस्पिटल की जांच की। इस दौरान संचालक अरविंद सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। अस्पताल में मरीज भी मिले थे। टीम ने पंजीकरण संबंधी दस्तावेज की मांग की तो पंजीकरण एक साल के लिए था जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। संचालक ने पुन: पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पंजीकरण के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदन में दर्शाए गए चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएमए मौके पर नहीं थे। इनके जगह दूसरे कर्मचारी मौके पर मौजूद पाए गए। अस्पताल में मेडिकल स्टोर संचालित मिला। जिसका लाइसेंस नहीं पाया गया। केवल एक चिकित्सक डॉ. जमील मौजूद रहे है। इस संबध में सीएचसी अधीक्षक आरजी सिंह ने बताता कि कस्बे में संचालित कृष्ण संजीवनी हॉस्पिटल बिना पंजीकरण लगभग आठ माह चल रहा था। शिकायत पर जांच में कोई दस्तावेज अस्पताल का नहीं पाया गया है। स्टाफ को निर्देशित करते हुए संचालक को अस्पताल बंद कर कार्यालय रिपोर्ट करने के लिए चेतावनी दी गई है। और जनहित हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर पर अवैध अल्ट्रासाउंड भी किया जा रहा है। पंजीकरण दस्तावेज भी वैध नहीं पाए गए। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर अस्पताल बंद करने के लिए निर्देश दिए गए।
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बोले संचालक
अस्पताल का पंजीकरण है, जो एक साल वैध होता है। तिथि खत्म होने से पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया है। प्रकिया के बाद पुन: पंजीकरण हो जाएगा। अवैध अल्ट्रासाउंड का संचालन अस्पताल पर नहीं हो रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदने के लिए अस्पताल पर लाई गई थी। रेट फाइनल नहीं होने के कारण उसे लौटा दिया गया। सारे आरोप गलत हैं। कुछ लोग साजिश रच कर छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अरविंद तिवारी, संचालक, जनहित हॉस्पिटल