सिद्धार्थनगर। मडुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत वासा चक में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक आदि ने मनरेगा के तहत गांव में कराए गए कच्चे मिट्टी कार्य माप पुस्तिका में अधिक खर्च दर्ज और मौके पर माप पर कार्य खर्च कम पाया गया। जिस पर उपायुक्त श्रम रोजगार ने वित्तीय गड़बड़ी के मामले में स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है।
डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत वासा चक में गांव निवासी काजी अदनान अहमद ने बिना कार्य कराए ही उनके गांव में भुगतान कराए जाने की शिकायत आरजीएस मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। जिस पर खंड विकास अधिकारी डुमरियागंज व अवर अभियंता दीनानाथ चौधरी ने शनिवार को जांच की। जिसमें गांव में कराए गए कच्चा कार्य जो माप पुस्तिका में अंकित खर्च और मौके पर कराए गए कार्य में काफी अंतर पाया गया। जिसके बाद अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर बीडीओ ने उपायुक्त श्रम रोजगार को रिपोर्ट अग्रसारित की इसके बाद डीसी मनरेगा ने मामले में ग्राम प्रधान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, वर्तमान ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। और मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी प्रेषित कर दी है।
शिकायतकर्ता काजी अदनान अहमद ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में आई जांच टीम ने जांच कार्य सही ढंग से नहीं किया है मनरेगा के तहत गांव में ग्राम प्रधान ने मनमाने तरीके से कराए गए दो कार्यों की जांच ही नहीं की गई अगर मौके पर उसका सत्यापन किया जाता तो वित्तीय गड़बड़ी और अनियमितता की कलई पूरी तरह से खुल जाती। मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष रूप से पूनः जांच कराई जाए।
इस संबंध में बीडीओ अमित सिंह ने बताया कि वासा चक गांव के एक व्यक्ति ने बिना कार्य कराए ग्राम प्रधान पर भुगतान कराए जाने की शिकायत आरजीएस पोर्टल पर की गई थी। जिसके संदर्भ में पहले उन्होंने जांच किया था, जिसमें खामियां पाई गई थी। आज मौके पर आरएस विभाग के अवर अभियंता को भेजकर जांच कराई गई है, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसे डीसी मनरेगा और उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। माप पुस्तिका में और मौके पर कराए गए कार्य धन खर्च में अंतर मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, को स्पष्टीकरण नोटिस दिया गया है, नोटिस का जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।